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आपस में भिड़े सपाई, जमकर हुई गाली गलौच

Sun, 28 May 2017 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 28 May 2017 01:31 AM IST
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Samajwadi party's members fight
आपस में भिड़ते सपाइयों की यही वीडियो वायरल हुई है। - फोटो : Amar Ujala
हाल ही में विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त की वजहें तलाशने और उसे दूर करने के बजाए सपाइयों में आपसी रार मची हुई है। शनिवार को मासिक समीक्षा बैठक के दौरान सपाई फिर आमने-सामने हो गए। आरोप-प्रत्यारोप को लेकर महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम और पूर्व महानगर अध्यक्ष शहाब अंसारी के बीच जमकर गाली-गलौच हुई । करीब 20 मिनट तक पार्टी कार्यालय का मौहाल गरम रहा। दोनों के समर्थक भी एक-दूसरे से उलझे नजर आए। जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ मोहसिन खान समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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घटना के थोड़े देर बाद ही विवाद का वीडियो शहर में वायरल हो गया। इसमें वर्तमान और पूर्व महानगर अध्यक्ष में से कुछ समर्थकों के हाथ में असलहे भी दिखाई पड़े। हालांकि जिलाध्यक्ष का कहना है कि कुछ पदाधिकारियों के साथ निजी सुरक्षा कर्मी चलते हैं। पानी पीने के लिए कोई गया होगा और तेज आवाज में बहस होता देख वहां चला आया होगा। सभी पदाधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
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दरअसल बैठक शुरू होते ही जियाउल इस्लाम, जिलाध्यक्ष से बात कर वहां से चले गए। थोड़ी ही देर में शहाब अंसारी ने बैठक में खड़े होकर जियाउल पर आरोप लगाया कि वे थाने में हमारे खिलाफ तहरीर दिलवाकर फंसाना चाहते हैं। उन्होंने कुछ और भी आरोप लगाए। इसी बीच जियाउल के किसी समर्थक ने उन्हें फोन कर इसकी सूचना दे दी। थोड़ी ही देर में जियाउल अपने कई समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंच गए और फिर आरोप का आधार पूछने लगे। इसी पर बात बिगड़ गई और मामला गाली-गलौच तक पहुंच गई। 
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मेरे मां की तबीयत खराब थी। जिलाध्यक्ष को इसकी सूचना देकर उन्हें डॉक्टर को दिखाने चला गया था। फोन आया कि शहाब मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। थोड़ी देर बाद कार्यालय पहुंचा तो उनसे वजह पूछी। साक्ष्य देने के बजाए वह सिर्फ उल-जुलूल आरोप लगाए जा रहे थे। मैंने सिर्फ उन्हें समझाया था। गाली देने या मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई। मेरे साथ कोई असलहाधारी नहीं गया।
- जियाउल इस्लाम, महानगर अध्यक्ष

जियाउल की अपनी गोल है। वे सिर्फ अपने लोगों को पार्षद का टिकट देना चाहते हैं। सक्रिय कार्यकर्ताओं का शुरू से उत्पीड़न करते आए हैं। मैंने इसी का विरोध किया तो मुझे भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। पार्टी के दूसरे पदाधिकारियों ने उन्हें रोका नहीं होता तो मेरी पिटाई भी कर देते। घटना के समय जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। पार्टी फोरम पर उनके खिलाफ शिकायत करूंगा।

- शहाब अंसारी, पूर्व महानगर अध्यक्ष

गाली-गलौच और मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई। सिर्फ जियाउल और शहाब में तेज आवाज में बहस करने लगे थे। मैंने दोनों को धीमी आवाज में अपनी बात रखने की हिदायत भी दी। जियाउल की अनुपस्थिति में शहाब ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनके खिलाफ थाने में तहरीर दिलाई है। बाद में आए जियाउल का कहना था कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा। अगर इस मामले में शिकायत होगी तो जांच कराई जाएगी।
- प्रहलाद यादव, जिलाध्यक्ष
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