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विधायक के खिलाफ तोड़फोड़ का केस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2015 03:03 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा परिसर में सुबह की सैर पर
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रोक लगाने से खफा लोगों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। सैर करने निकले
लोगों ने यूनिवर्सिटी के मेन गेट के बाहर बवाल कर दिया। गुस्साए लोगों ने दो घंटे तक जाम भी लगाया। सड़क पर लोगों के बैठ जाने से
आवागमन बाधित हो गया। मौके पर पहुंचे नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल को देख
भीड़ जोश में आ गई। लोगों ने नारेबाजी करते हुए यूनिवर्सिटी मेन गेट का
ताला तोड़ दिया। सुरक्षा गार्डों ने भीड़ को रोकना चाहा तो लोगों ने उनकी
पिटाई भी की। बाद में विधायक और पुलिस ने लोगों को शांत कर वापस लौटाया।
यूनिवर्सिटी गार्ड लालजी यादव की तहरीर पर रात में विधायक सहित 50 लोगों के
खिलाफ तोड़फोड़ और अनधिकृत प्रवेश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दरअसल 23 मई की शाम यूनिवर्सिटी में गोली चलने की घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुबह सैर पर आने वालों समेत कैंपस में सभी बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। पिछले तीन दिनों से सुबह टहलने निकले लोग यूनिवर्सिटी गेट बंद देख लौट जा रहे थे। कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति भी जताई थी लेकिन सुरक्षा में तैनात गार्डों ने सख्ती की वजह बताई तो लोगों ने ज्यादा विरोध नहीं जताया। बुधवार सुबह भी जब लोगों को यूनिवर्सिटी मुख्य गेट पर ताला लगा मिला तो वह भड़क उठे और धरने के अंदाज मेें सड़क पर बैठ गए। इसी बीच भीड़ में से निकलकर कुछ लोगों ने जबरन एक रोडवेज बस और ट्रक को सड़क के बीच में तिरछा खड़ा करा दिया। इसके बाद हंगामा बढ़ता गया। सात बजे के करीब नगर विधायक आरमएडी अग्रवाल भी पहुंच गए। उन्होंने वहीं से फोन पर कुलपति से बात की और इस फैसले को गलत बताते हुए कहा कि सूबे के तकरीबन हर शिक्षण संस्थान में लोग सुबह-शाम की सैर को आते हैं।
कहीं पर भी रोक नहीं है। यूनिवर्सिटी में भी आने वाले सभी लोग संभ्रांत हैं। इसी बीच कुछ लोग उग्र हो गए और विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार का ताला तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर कैंट श्रीधराचार्य पांडेय ने नगर विधायक और लोगों से बातचीत कर मामला शांत कराया। बाद में विधायक और पुलिस के आश्वासन पर लोग घर लौट गए। यूनिवर्सिटी गार्ड लालजी यादव की तहरीर पर विधायक सहित 50 लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ और अनधिकृत प्रवेश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दरअसल 23 मई की शाम यूनिवर्सिटी में गोली चलने की घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुबह सैर पर आने वालों समेत कैंपस में सभी बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। पिछले तीन दिनों से सुबह टहलने निकले लोग यूनिवर्सिटी गेट बंद देख लौट जा रहे थे। कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति भी जताई थी लेकिन सुरक्षा में तैनात गार्डों ने सख्ती की वजह बताई तो लोगों ने ज्यादा विरोध नहीं जताया। बुधवार सुबह भी जब लोगों को यूनिवर्सिटी मुख्य गेट पर ताला लगा मिला तो वह भड़क उठे और धरने के अंदाज मेें सड़क पर बैठ गए। इसी बीच भीड़ में से निकलकर कुछ लोगों ने जबरन एक रोडवेज बस और ट्रक को सड़क के बीच में तिरछा खड़ा करा दिया। इसके बाद हंगामा बढ़ता गया। सात बजे के करीब नगर विधायक आरमएडी अग्रवाल भी पहुंच गए। उन्होंने वहीं से फोन पर कुलपति से बात की और इस फैसले को गलत बताते हुए कहा कि सूबे के तकरीबन हर शिक्षण संस्थान में लोग सुबह-शाम की सैर को आते हैं।
कहीं पर भी रोक नहीं है। यूनिवर्सिटी में भी आने वाले सभी लोग संभ्रांत हैं। इसी बीच कुछ लोग उग्र हो गए और विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार का ताला तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर कैंट श्रीधराचार्य पांडेय ने नगर विधायक और लोगों से बातचीत कर मामला शांत कराया। बाद में विधायक और पुलिस के आश्वासन पर लोग घर लौट गए। यूनिवर्सिटी गार्ड लालजी यादव की तहरीर पर विधायक सहित 50 लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ और अनधिकृत प्रवेश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।