{"_id":"57af37f64f1c1b332dee4448","slug":"police-take-oath-of-respectability-of-women","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिसकर्मियों ने लिया पीड़ित महिला के सम्मान की रक्षा का प्रण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिसकर्मियों ने लिया पीड़ित महिला के सम्मान की रक्षा का प्रण
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sat, 13 Aug 2016 08:38 PM IST
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन मे कार्याशाला में मौजूद पुलिसकर्मी।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईजी पीएसी आशुतोष पांडेय ने शनिवार को पुलिसकर्मियों को उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की सम्मान की रक्षा की शपथ दिलाई और कहा कि महिला अपराध की घटना पर लगाम कसने के लिए कानून में हुए बदलाव की जानकारी हर पुलिसकर्मी को होना अनिवार्य है। वह गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन में जेंडर सेंसटाइजेशन पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कुछ घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि थाने में आने पर महिला का केस तहरीर के आधार पर तुरंत दर्ज किया जाए। रेप और छेड़छाड़ के मामले में पीड़ित का 24 घंटे के भीतर कोर्ट में बयान कराया जाए। लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ अफसर कार्रवाई सुनिश्चित कराए। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से सभी को स्मार्ट बनने की सलाह दी और कहा कि नाबालिग के अपहरण की घटना को थानेदार, दरोगा, दीवान और सिपाही गंभीरता से लें। एसपी (सिटी) हेमराज मीणा ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी देने के साथ ही कानून में हुए बदलाव और इसे लेकर अधिकारियों के तरफ से जारी निर्देश की जानकारी दी।
इस मौके पर डीआईजी शिवसागर सिंह, एसएसपी रामलाल वर्मा, एसपी देवरिया प्रभाकर चौधरी, एसपी कुशीनगर, एसपी महराजगंज भारत यादव के अलावा इन जिलों से आए पुलिसकर्मी, यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कुछ घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि थाने में आने पर महिला का केस तहरीर के आधार पर तुरंत दर्ज किया जाए। रेप और छेड़छाड़ के मामले में पीड़ित का 24 घंटे के भीतर कोर्ट में बयान कराया जाए। लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ अफसर कार्रवाई सुनिश्चित कराए। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से सभी को स्मार्ट बनने की सलाह दी और कहा कि नाबालिग के अपहरण की घटना को थानेदार, दरोगा, दीवान और सिपाही गंभीरता से लें। एसपी (सिटी) हेमराज मीणा ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी देने के साथ ही कानून में हुए बदलाव और इसे लेकर अधिकारियों के तरफ से जारी निर्देश की जानकारी दी।
विज्ञापन
इस मौके पर डीआईजी शिवसागर सिंह, एसएसपी रामलाल वर्मा, एसपी देवरिया प्रभाकर चौधरी, एसपी कुशीनगर, एसपी महराजगंज भारत यादव के अलावा इन जिलों से आए पुलिसकर्मी, यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन