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फरार होने के बाद संतकबीरनगर में की थी लूट
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2016 09:01 PM IST
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कचहरी लॉकअप से फरार होने के बाद सूरज संतकबीरनगर के दियारा क्षेत्र में ही रहता था। साथियों के साथ उसने धनघटा में एक बाइक लूटी थी। नारी निकेतन में रहने वाली प्रेमिका से मिलने का भी उसने कई बार प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सका था। सूरज पर हत्या, लूट, गैंगेस्टर एक्ट के 20 मुकदमे दर्ज हैं।
24 नवंबर 2015 की दोपहर कचहरी लॉकअप से भागने के बाद डीएम आवास के रास्ते सूरज और योगेश खोराबार पहुंचे थे। यहां से वह लहसड़ी गांव के रहने वाले अपने दोस्त के साथ उसके घर गया। पुलिस की घेराबंदी के बीच वह पूरी रात लहसड़ी में रहा। भोर में ही दोस्त की बाइक लेकर पिपरसंडी होते हुए संतकबीरनगर में सरयू नदी के दियारा पहुंच गया। एक सप्ताह तक छिपकर रहने के बाद वह साथियों के साथ बेलघाट, बांसगांव, बड़हलगंज आने-जाने लगा था। 15 दिन पहले क्राइम बांच की टीम ने बड़हलगंज में सूरज की लोकेशन मिलने पर दबिश दी थी।
घेरेबंदी करने पर वह पैदल भाग निकला। पूछताछ में सूरज ने बताया कि भागते समय उसकी नाइन एमएम की पिस्टल गिर गई। इसके कारण बांसगांव क्षेत्र में प्रधान और हाटा बाजार में रहने वाले दूसरे शख्स की हत्या नहीं कर पाया। ढाई लाख रुपये में उसने दोनों की हत्या की सुपारी ली थी।
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इस वारदात के बाद वह शहर छोड़कर मुंबई जाने की फिराक में था। फरारी के दौरान नारी निकेतन में रहने वाली प्रेमिका से भी कई बार मिलने का प्रयास भी उसने किया लेकिन सफल नहीं हो सका। पूछताछ के बाद पुलिस लहसड़ी गांव में सूरज को संरक्षण देने वाले व्यक्ति की छानबीन कर रही है। सूरज पर हत्या, लूट, अपहरण, रेप, गैंगेस्टर एक्ट के कुल 20 मुकदमे दर्ज है।
हत्या, लूट की घटना को अंजाम देकर फैलाई थी सनसनी
दिसंबर 2014 में सूरज ने साथियों के साथ एक ही दिन तीन पेट्रोल पंप पर लूट की घटना को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप में दो गगहा क्षेत्र और एक मऊ के घोषी का था। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने सूरज और उसके साथियों की पहचान की थी। 27 अप्रैल 2015 को बेलीपार के चारपानी में बदमाश रिंकू पांडेय की हत्या करने के बाद पकड़े जाने की डर से वारदात में शामिल अपने दोस्त विशालधर दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
बाइक का नंबर बिछिया में रहने वाले व्यक्ति की निकली
सूरज और उसके साथियों ने बाइक पर जो नंबर लगाया था, वह जंगल तुलसीराम बिछिया के रहने वाले मुगले आजम पुत्र जमुराती के नाम की है। एटीएफ के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम इस पते को तस्दीक करने में लगी है।
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24 नवंबर 2015 की दोपहर कचहरी लॉकअप से भागने के बाद डीएम आवास के रास्ते सूरज और योगेश खोराबार पहुंचे थे। यहां से वह लहसड़ी गांव के रहने वाले अपने दोस्त के साथ उसके घर गया। पुलिस की घेराबंदी के बीच वह पूरी रात लहसड़ी में रहा। भोर में ही दोस्त की बाइक लेकर पिपरसंडी होते हुए संतकबीरनगर में सरयू नदी के दियारा पहुंच गया। एक सप्ताह तक छिपकर रहने के बाद वह साथियों के साथ बेलघाट, बांसगांव, बड़हलगंज आने-जाने लगा था। 15 दिन पहले क्राइम बांच की टीम ने बड़हलगंज में सूरज की लोकेशन मिलने पर दबिश दी थी।
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घेरेबंदी करने पर वह पैदल भाग निकला। पूछताछ में सूरज ने बताया कि भागते समय उसकी नाइन एमएम की पिस्टल गिर गई। इसके कारण बांसगांव क्षेत्र में प्रधान और हाटा बाजार में रहने वाले दूसरे शख्स की हत्या नहीं कर पाया। ढाई लाख रुपये में उसने दोनों की हत्या की सुपारी ली थी।
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इस वारदात के बाद वह शहर छोड़कर मुंबई जाने की फिराक में था। फरारी के दौरान नारी निकेतन में रहने वाली प्रेमिका से भी कई बार मिलने का प्रयास भी उसने किया लेकिन सफल नहीं हो सका। पूछताछ के बाद पुलिस लहसड़ी गांव में सूरज को संरक्षण देने वाले व्यक्ति की छानबीन कर रही है। सूरज पर हत्या, लूट, अपहरण, रेप, गैंगेस्टर एक्ट के कुल 20 मुकदमे दर्ज है।
हत्या, लूट की घटना को अंजाम देकर फैलाई थी सनसनी
दिसंबर 2014 में सूरज ने साथियों के साथ एक ही दिन तीन पेट्रोल पंप पर लूट की घटना को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप में दो गगहा क्षेत्र और एक मऊ के घोषी का था। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने सूरज और उसके साथियों की पहचान की थी। 27 अप्रैल 2015 को बेलीपार के चारपानी में बदमाश रिंकू पांडेय की हत्या करने के बाद पकड़े जाने की डर से वारदात में शामिल अपने दोस्त विशालधर दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
बाइक का नंबर बिछिया में रहने वाले व्यक्ति की निकली
सूरज और उसके साथियों ने बाइक पर जो नंबर लगाया था, वह जंगल तुलसीराम बिछिया के रहने वाले मुगले आजम पुत्र जमुराती के नाम की है। एटीएफ के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम इस पते को तस्दीक करने में लगी है।