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पोस्टमार्टम को लेकर बवाल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 22 Aug 2016 08:00 PM IST
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सोमवार को मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम को लेकर दिनभर बवाल हुआ। सुबह बीटेक छात्र की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम न कराने की बात कहते हुए घर वाले शव लेकर भागने लगे। वहीं शाम को लाइट चली जाने के बाद पोस्टमार्टम कराने के लिए हंगामा हुआ। शाम में हुए मामले की शिकायत सीएमओ तक भी पहुंची है। घर वालों ने किसी तरह से मामले को शांत कराया है।
उरुवा थाना क्षेत्र के दुधरा गांव के बहतिया टोला निवासी अक्षय (22) पुत्र हरिचेतन सहजनवां स्थित गीडा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था। वह सहजनवां इलाके के झुगियां गांव में किराए के मकान में रहता था। किसी बात को लेकर नागपंचमी के दिन उसका पास के एक किराएदार से विवाद हो गया था। आरोप था कि उसने ही उसे जलाकर मारने की कोशिश की थी। गंभीर हालत में उसका मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई तो शव लेकर घर वाले भागने लगे। कर्मचारी ने पोस्टमार्टम जरूरी बताते हुए रोका तो वह गाली देते हुए शव को बोलेरो में रख लिया। कर्मचारी ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल कॉलेज गेट पर शव रोक लिया। शव रोके जाने को लेकर घर वालों से तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं सोमवार की शाम 5.30 बजे पोस्टमार्टम कराने के लिए हंगामा हुआ। डॉ. एसके यादव पोस्टमार्टम हाउस पर शाम 5.30 बजे पहुंचे। एक बॉडी का पोस्टमार्टम हुआ तभी लाइट चली गई तो 6 बजे डॉक्टर बाहर आ गए। डॉक्टर ने अंधेरे में पोस्टमार्टम न होने की बात बताई तो घर वाले भड़क गए। आठ शव का पोस्टमार्टम होना बाकी था। तभी एक शख्स ने फोन पर इसकी शिकायत सीएमओ से कर दी। हालांकि देर रात लाइट आने पर कुछ ही शवों का पोस्टमार्टम हो सका।
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उरुवा थाना क्षेत्र के दुधरा गांव के बहतिया टोला निवासी अक्षय (22) पुत्र हरिचेतन सहजनवां स्थित गीडा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था। वह सहजनवां इलाके के झुगियां गांव में किराए के मकान में रहता था। किसी बात को लेकर नागपंचमी के दिन उसका पास के एक किराएदार से विवाद हो गया था। आरोप था कि उसने ही उसे जलाकर मारने की कोशिश की थी। गंभीर हालत में उसका मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई तो शव लेकर घर वाले भागने लगे। कर्मचारी ने पोस्टमार्टम जरूरी बताते हुए रोका तो वह गाली देते हुए शव को बोलेरो में रख लिया। कर्मचारी ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल कॉलेज गेट पर शव रोक लिया। शव रोके जाने को लेकर घर वालों से तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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वहीं सोमवार की शाम 5.30 बजे पोस्टमार्टम कराने के लिए हंगामा हुआ। डॉ. एसके यादव पोस्टमार्टम हाउस पर शाम 5.30 बजे पहुंचे। एक बॉडी का पोस्टमार्टम हुआ तभी लाइट चली गई तो 6 बजे डॉक्टर बाहर आ गए। डॉक्टर ने अंधेरे में पोस्टमार्टम न होने की बात बताई तो घर वाले भड़क गए। आठ शव का पोस्टमार्टम होना बाकी था। तभी एक शख्स ने फोन पर इसकी शिकायत सीएमओ से कर दी। हालांकि देर रात लाइट आने पर कुछ ही शवों का पोस्टमार्टम हो सका।
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