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सिपाहियों को नहीं भा रही गश्त के लिए मिली साइकिल
सतीश कुमार पांडेय, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 19 Apr 2016 01:19 AM IST
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पुलिस साइकिल
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सिपाहियों को गश्त के लिए शासन की ओर से मिली साइकिल नहीं भा रही है। जिले में आई 30 साइकिलों को क्षेत्रफल के आधार पर 26 थानों में भेज दिया गया। थाने में साइकिल के पहुंचने के बाद इसे मालखाना और थानेदार के आवास में रख दिया गया। थाने पर तैनात सिपाही बाजार, कस्बे में रोजाना गश्त करने के लिए निकलते तो हैं लेकिन साइकिल से नहीं।
प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने छह महीने पहले साइकिल से गश्त करने का फरमान जारी किया था। निर्देश के क्रम में सभी थानों में एक से दो साइकिल भेजी गई थी। योजना के तहत जिले में 30 साइकिलें आईं थीं। अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी थाने में भेज भी दिया गया। साइकिल से सिपाहियों को रोजाना भीड़-भाड़ वाले इलाके के साथ ही बाजार, संकरी गली में घूमकर गश्त करना था।
पुलिस लाइंस से साइकिल थाने तो पहुंच गई लेकिन इसे लेकर बाजार में गश्त करने कोई सिपाही नहीं पहुंचा। थाने में रखी साइकिल गायब न हो इसके लिए मालखाना के साथ ही एसओ के आवास परिसर में रख दिया गया। इस्तेमाल न होने के कारण अधिकांश साइकिल खराब हो चुकी है।
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साइकिल से सिपाहियों के क्षेत्र में गश्त करने से उनका स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों ठीक रहने का तर्क दिया गया था लेकिन व्यवस्था किसी को पसंद नहीं आई।
स्थिति की करेंगे समीक्षा : डीआईजी
डीआईजी रेंज शिवसागर सिंह ने बताया कि गश्त के लिए थानों पर भेजी गई साइकिल किस हाल में है, इसका इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा इसकी समीक्षा होगी। रेंज के सभी पुलिस कप्तान, एडिशन एसपी और सीओ से मुआयना के दौरान इस बिंदु पर जांच करने को कहा जाएगा। सिपाहियों से बात कर साइकिल से गश्त करने में होने वाली दिक्कत को जानेंगे।
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प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी ने छह महीने पहले साइकिल से गश्त करने का फरमान जारी किया था। निर्देश के क्रम में सभी थानों में एक से दो साइकिल भेजी गई थी। योजना के तहत जिले में 30 साइकिलें आईं थीं। अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी थाने में भेज भी दिया गया। साइकिल से सिपाहियों को रोजाना भीड़-भाड़ वाले इलाके के साथ ही बाजार, संकरी गली में घूमकर गश्त करना था।
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पुलिस लाइंस से साइकिल थाने तो पहुंच गई लेकिन इसे लेकर बाजार में गश्त करने कोई सिपाही नहीं पहुंचा। थाने में रखी साइकिल गायब न हो इसके लिए मालखाना के साथ ही एसओ के आवास परिसर में रख दिया गया। इस्तेमाल न होने के कारण अधिकांश साइकिल खराब हो चुकी है।
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साइकिल से सिपाहियों के क्षेत्र में गश्त करने से उनका स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों ठीक रहने का तर्क दिया गया था लेकिन व्यवस्था किसी को पसंद नहीं आई।
स्थिति की करेंगे समीक्षा : डीआईजी
डीआईजी रेंज शिवसागर सिंह ने बताया कि गश्त के लिए थानों पर भेजी गई साइकिल किस हाल में है, इसका इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा इसकी समीक्षा होगी। रेंज के सभी पुलिस कप्तान, एडिशन एसपी और सीओ से मुआयना के दौरान इस बिंदु पर जांच करने को कहा जाएगा। सिपाहियों से बात कर साइकिल से गश्त करने में होने वाली दिक्कत को जानेंगे।