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फर्जी वीजा देकर ठगने वाले दबोचे गए

Sun, 11 Sep 2016 08:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 11 Sep 2016 08:14 PM IST
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by thage have the fake visa daboche
क्राइम
विदेश भेजने का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाले चार जालसाजों को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने शनिवार की रात अंबेडकर चौराहे से गिरफ्तार किया। आजाद चौक स्थित ऑफिस में दबिश देकर पकड़े गए जालसाजों की निशानदेही पर पासपोर्ट, फर्जी वीजा, फर्जी नियुक्ति पत्र, जिला अस्पताल का मेडिकल प्रमाण पत्र, पासबुक आदि बरामद की गई। गैंग सरगना समेत तीन अन्य साथियों की तलाश चल रही है। पकड़े गए जालसाजों के खिलाफ एसटीएफ लखनऊ यूनिट के दरोगा ने कैंट थाने में केस दर्ज कराया है।
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एसटीएफ लखनऊ को सूचना मिली थी कि गोरखपुर के जालसाजों का एक गैंग चड़ीगढ़ की एक कंपनी के नाम पर फर्जी वीजा तैयार कर कनाड़ा, खाड़ी देश में बेरोजगारों को भेजने के नाम पर ठगी कर रहा है। लोकेशन मिलने पर लखनऊ यूनिट के दरोगा विमल गौतम शनिवार की शाम गोरखपुर पहुंचे। मामले की जानकारी सीओ एसटीएफ विकास त्रिपाठी को देने के बाद टीम के साथ वे आजाद चौक पर बगहा बाबा मंदिर के पास कंपनी के आफिस पहुंचे। छानबीन करने पर पता चला कि यहां काम करने वाले युवक गोलघर की तरफ गए हैं। टीम ने घेराबंदी कर कैंट पुलिस की मदद से अंबेडकर चौराहे पर दो बाइक सवार चार युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इनकी पहचान खोराबार के बड़गो निवासी सचिन पांडेय, गोला के वाणी तरया निवासी शशिकांत यादव उर्फ सोनू यादव, शाहपुर के सैनिक विहार निवासी सोनू वर्मा, बड़हलगंज के सरया महुनिया निवासी सोनू सिंह उर्फ मोनू के रूप में हुई। 
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पूछताछ में युवकों ने बताया कि वे फर्जी वीजा बनाकर बेरोजगार युवकों के साथ जालसाजी करते हैं। पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेकर एसटीएफ की टीम उनके आफिस पहुंची। तलाशी लेने पर यहां 30 पासपोर्ट, 29 फर्जी वीजा, कनाड़ा की वैव्बू कंपनी से जारी फर्जी नियुक्ति पत्र, 13 युवकों का जिला अस्पताल से तैयार कराई गई मेडिकल रिपोर्ट, दो लैपटॉप, एक पेन ड्राइव, सात बैंक पासबुक, चार चेकबुक, 13 मोबाइल, आठ सिमकार्ड, कैंट थाने की एक मुहर बरामद की गई। जालसाजों ने बड़हलगंज के महुआपार के पंकज शाही, मामखोर के शिवकुमार और एचडीएफसी बैंक के पूर्व कर्मचारी सुशील यादव उर्फ मंटू का नाम भी बताया जिनके सहयोग से वे दूसरे के खाते से रुपये नेट बैंकिंग के जरिये अपने अकाउंट में स्थानांतरित करते थे। सीओ एसटीएफ विकास त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करके ठगी करने का केस दर्ज हुआ है। उनके अन्य साथियों की तलाश चल रही है। गिरफ्तारी के बाद बड़े रैकेट का पर्दाफाश होगा।
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