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एसटीएफ की जांच में नितिन के आत्महत्या की कहानी

Fri, 14 Apr 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 14 Apr 2017 01:37 AM IST
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STF said that Nitin did suicide
नितिन अपनी पत्नी के साथ (फाइल फोटो)। - फोटो : Amar Ujala
हरवंश गली के ज्वैलर्स नितिन अग्रवाल की मौत की गुत्थी एसटीएफ ने सुलझा ली है। एसटीएफ की अंतिम जांच-पड़ताल और साक्ष्य से पता चला है कि नितिन ने आत्महत्या की थी। इसका पर्दाफाश एसटीएफ के आईजी राम कुमार शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस में कर सकते हैं। एसटीएफ ने पर्दाफाश में नितिन की पत्नी रश्मि के बयान को भी शामिल किया है, जिसमें उन्होंने नितिन के कर्ज की वजह से परेशान होने की बात कही है। जांच में नितिन के आईपीएल में सट्टा लगाने और सट्टा हारने का तथ्य भी सामने आया है। गोरखपुर पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी नितिन के आत्महत्या की बात सामने आई थी। एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत सिंह चौधरी ने पहले ही दिन नितिन के आत्महत्या से संबंधित बयान दिया था।
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नौ अप्रैल को ज्वैलर्स नितिन अग्रवाल की सहजनवां फोरलेन के पास कार में जिंदा जलने से मौत हो गई थी। इसकी जांच शासन ने एसटीएफ को दी थी। आईजी राज कुमार गोरखपुर आए और दो दिनों तक जांच-पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने भी कार से सैंपल लिए। अब फोरेंसिक सहित सभी रिपोर्टें आ गई हैं। इनके अध्ययन के बाद ही एसटीएफ ने पूरे मामले को आत्महत्या से जोड़कर देखा। एसटीएफ के आला अफसर ने बताया कि मृतक नितिन ने ही नौसड़ पंप से बोतल में पेट्रोल खरीदा था। सीसीटीवी फुटेज में कार की दोनों सीट खाली दिख रही थी। इसका मतलब है कि कार में नितिन के अलावा दूसरा कोई नहीं था। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से भी साफ है कि घटना के समय कार में दूसरा व्यक्ति नहीं था। नितिन ने अपने ऊपर पेट्रोल डाला और आग लगा ली। 
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एक दिन पहले भी आत्महत्या की चेतावनी दी थी 
एसटीएफ के मुताबिक नितिन की उनकी पत्नी से हादसे से एक दिन पहले रात को भी किसी बात पर कहासुनी हुई थी। तब नितिन ने आत्महत्या की धमकी दी थी। रविवार को नितिन घर से निकले, तब भी आत्महत्या की धमकी देकर गए थे लेकिन पत्नी ने इसकी जानकारी परिवार वालों को नहीं दी। घटना से कुछ समय पहले (नौ अप्रैल को सुबह 10:57 बजे) नितिन की रश्मि से बात हुई थी। इस दौरान नितिन ने जब फिर आत्महत्या की धमकी दी तब ज्वैलर्स का परिवार पुलिस के पास पहुंचा और नितिन के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगवाया गया। इसी बीच कार में आग लगने और नितिन का शव बरामद होने की सूचना आ गई। 
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चंद मिनटों में चली जाती है जान
बंद जगह पर पेट्रोल से आग लगाने पर चंद मिनट में ही मौत हो जाती है। पेट्रोल की आग से कार्बन मोनो आक्साइड गैस निकलती है जिससे शरीर शिथिल पड़ जाता है। इंसान कुछ भी हरकत करने की स्थिति में नहीं होता और थोड़ी ही देर में दम घुटने से उसकी मौत हो जाती है।
- डॉ. शिव शंकर शाही, वरिष्ठ सर्जन

पिता और बहन को आत्महत्या की थ्योरी पर भरोसा नहीं

पुलिस और एसटीएफ की जांच भले ही नितिन की आत्महत्या की तरफ घूम रही हो, लेकिन उनके पिता गोविंद अग्रवाल और बहन को इस पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि नितिन की हत्या की गई है। इसी वजह से पुलिस और एसटीएफ मामले का पर्दाफाश जल्दबाजी में करने से कतरा रही है। परिवार के मुताबिक नितिन को जितने रुपये चाहिए होते थे, वह पिता से मांग लेते थे। 
ज्वैलर्स की बहन ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि नितिन को वह बचपन से जानती हैं और वह ऐसा काम कर ही नहीं सकता था। बहन ने नितिन के मोबाइल का इस्तेमाल होने का संदेह जाहिर किया और आखिरी काल नितिन की न होना भी बताया लेकिन नितिन की पत्नी ने पुलिस को दिए गए बयान में साफ कहा है कि आवाज नितिन की ही थी और थोड़ी देर बात होने के बाद उन्होंने खुदकुशी की बात बोली तो मैं रोने लगी। इसके बाद मेरी ही आवाज मुझे सुनाई देने लगी। उधर क्या हो रहा था, पता नहीं चला। पिता को भी इसकी सूचना दी और फिर घरवाले तलाश में निकल गए थे। नितिन ने एक सफेद कागज की बात भी बताई थी जिसे जांच एजेंसी सुसाइड नोट मान रही है लेकिन घरवाले सुसाइड नोट की बात पर टालमटोल कर दे रहे हैं।

खाली हो गए थे नितिन के बैंक अकाउंट

कार में जिंदा जलने वाले हरवंश गली के ज्वैलर्स नितिन अग्रवाल कंगाल हो चुके थे। एसटीएफ की जांच-पड़ताल में नितिन के ज्यादातर बैंक अकाउंट खाली पाए गए हैं। एक बैंक एकाउंट में तो एक भी रुपये नहीं हैं, जबकि एक और अकाउंट में 63 रुपये हैं। कई और बैंक अकाउंट में भी बेहद कम धनराशि होने का पता चला है। इसी का नतीजा है कि नितिन की तरफ से किसी व्यक्ति को दिए गए 13-13 लाख रुपये के दो चेक बाउंस हो गए थे। उनपर बैंक की तरफ से तीन-तीन सौ रुपये की पेनाल्टी भी लगाई गई थी।

नितिन अग्रवाल की मौत की जांच एसटीएफ कर रही है। आईजी एसटीएफ राम कुमार कई दिनों तक गोरखपुर में डेरा डाले रहे। आईजी मोहित अग्रवाल ने भी इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की। एसटीएफ की छानबीन में जो तथ्य निकलकर आए हैं, उसके मुताबिक ज्वैलर्स नितिन करोड़ों रुपये के कर्ज में डूबे थे। वह ज्वैलरी के अलावा शेयर बाजार में भी रुपये लगाते थे। जांच में इस तथ्य के सामने आने के बाद ही एसटीएफ ने नितिन के चार अलग-अलग बैंक अकाउंटों की जांच की। महज एक बैंक अकाउंट में चार हजार रुपये मिले, जबकि तीन अकाउंटों में बैंक के मानक के अनुसार भी पैसे नहीं थे। इसी का नतीजा है कि एसटीएफ की जांच नितिन की आत्महत्या की तरफ घूम गई है। एसटीएफ अब कर्ज देने वालों से पूछताछ कर रही है।


120 रुपये में खरीदा गया था पेट्रोल
ज्वैलर्स की मौत के बाद कार से पेट्रोल की जो बोतल मिली थी, उसमें पेट्रोल नौसड़ के एक पंप से 120 रुपये में भरवाया गया था। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी एसटीएफ को मिल गई है। इसमें बोतल साफ दिख रही है। फुटेज में कार की ड्राइविंग सीट के बगल की सीट खाली नजर आ रही है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कार में नितिन अग्रवाल अकेले थे।
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