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काम नहीं आया प्रशासन का कोई उपाय
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:16 AM IST
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सूचना पाकर डीएम और एसएसपी भी मंडलीय जेल पहंचे।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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जेल में बवाल करने वाले बंदियों को काबू में करने के प्रशासन के सभी उपाय फेल हो गए। अफसरों ने बल प्रयोग से उन्हें डराने का प्रयास किया। बात न बनने पर जेल के अंदर फोर्स भेज दी गई। ड्रोन से निगरानी करने के साथ ही माइक से एलान कर बात न मानने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। इसके बावजूद बंदी शांत नहीं हुए। जेलर को गाली देने के साथ ही वे कार्रवाई होने पर ही हटने की जिद पर अड़े थे।
अफसरों ने शुरू में जेल के बवाल को हल्के में लिया। जेल में पहुंचते ही डीएम, एसएसपी ने एनाउंस करने के साथ ही बंदियों को अपने बैरक में जाने की चेतावनी दी, लेकिन वे बैरक की छत पर ईट-पत्थर के साथ खड़े हो गए। बाहर की स्थिति पर नजर रखने के लिए कुछ बंदी पेड़ पर चढ़ गए जो अपने साथियों को जेल के अंदर चल रही गतिविधियों की जानकारी दे रहे थे। एक घंटे की बातचीत का कोई परिणाम न निकलने पर पुलिस ने रबर बुलेट और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद बंदियों ने मोर्चा बंदी कर पथराव शुरू कर दिया जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
बंदी फोर्स के बाहर जाने पर ही पीछे हटने को तैयार थे। रणनीति के तहत अफसरों ने फोर्स को जेल से बाहर निकाला लेकिन बंदी फिर भी नहीं माने। आंसू गैस और रबर की गोली खत्म होने के बाद अफसरों ने दोबारा बल प्रयोग करने के लिए फोर्स को पूरी तैयारी के साथ अंदर बुला लिया लेकिन शासन से हुई बातचीत के बाद अफसर शांत हो गए। जेल अधीक्षक के आश्वासन पर सभी लौट गए।
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अफसरों ने शुरू में जेल के बवाल को हल्के में लिया। जेल में पहुंचते ही डीएम, एसएसपी ने एनाउंस करने के साथ ही बंदियों को अपने बैरक में जाने की चेतावनी दी, लेकिन वे बैरक की छत पर ईट-पत्थर के साथ खड़े हो गए। बाहर की स्थिति पर नजर रखने के लिए कुछ बंदी पेड़ पर चढ़ गए जो अपने साथियों को जेल के अंदर चल रही गतिविधियों की जानकारी दे रहे थे। एक घंटे की बातचीत का कोई परिणाम न निकलने पर पुलिस ने रबर बुलेट और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद बंदियों ने मोर्चा बंदी कर पथराव शुरू कर दिया जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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बंदी फोर्स के बाहर जाने पर ही पीछे हटने को तैयार थे। रणनीति के तहत अफसरों ने फोर्स को जेल से बाहर निकाला लेकिन बंदी फिर भी नहीं माने। आंसू गैस और रबर की गोली खत्म होने के बाद अफसरों ने दोबारा बल प्रयोग करने के लिए फोर्स को पूरी तैयारी के साथ अंदर बुला लिया लेकिन शासन से हुई बातचीत के बाद अफसर शांत हो गए। जेल अधीक्षक के आश्वासन पर सभी लौट गए।
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