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बच्चा चोरी के पीछे बड़े रैकेट की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:47 AM IST
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जिला महिला अस्पताल के एसआईसी कक्ष में पीड़ित महिला से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : Amar Ujala
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जिला महिला अस्पताल से बच्चा चोरी के कथित मामले की जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया है। दरअसल, महिला का प्रसव महिला अस्पताल में नहीं, बल्कि एक नर्सिंग होम में हुआ था। जांच में यह सच सामने आने के बाद से ही इसके पीछे बड़े रैकेट की आशंका बढ़ गई है। पूरे प्रकरण में महिला अस्पताल की एक दाई और दलाल के सांठगांठ का मामला सामने आया है। अस्पताल गेट से महिला को बरगलाकर नर्सिंग होम ले जाने और फिर बच्चा गायब करने के मामले में पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झंगहा इलाके के मोतीराम अड्डा की शिवराजी पत्नी राजमन मौर्य ने यह आरोप लगाया था कि उनकी बहू पुष्पा का महिला अस्पताल में 10 मार्च को प्रसव हुआ था। पैदा हुए बच्चे को नर्स टीका लगवाने ले गई और फिर मौत की सूचना दी, मगर शिवराजी ने बच्चा चोरी करने का आरोप लगाते हुए एसआईसी से लिखित शिकायत की थी। अस्पताल से बच्चा चोरी होने की खबर पाते ही अफसरों के माथे पर बल पड़ गया और उन्होंने इसकी जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि पुष्पा महिला अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुई थी। उसने सास शिवराजी के उलट बयान दिया है। उसने बताया कि वह महिला अस्पताल गेट पर आई तो कथित नर्स ने उसे एक इंजेक्शन लगाया, जिससे वह बेसुध हो गई और किसी अस्पताल में ले जाकर प्रसव कराया। थोड़ी देर बार जब होश आया तो वह अल्ट्रासाउंड सेंटर में थी। उसके इस बयान के बाद मामला और उलझ गया। अब तक अस्पताल गेट पर नर्सिंग होम के दलालों के सक्रिय होने की बात चर्चा में रहती थी लेकिन बच्चा चोरी और इसकी पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच तेज करने के साथ ही पुलिस को भी सूचना दे दी है। पीड़ित ने भी मुकदमा दर्ज करा दिया है।
दाई ले गई थी डायग्नोस्टिक सेंटर
जिला महिला अस्पताल में बच्चा चोरी के मामले में अभी तक कथित नर्स की तलाश हो रही थी लेकिन अब यह साफ हो गया कि इसके पीछे महिला अस्पताल की दाई रजिया का हाथ है। खुद डायग्नोसिस्टक सेंटर के कर्मचारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि रजिया पुष्पा को लेकर आई थी। इसके पहले भी वह कई मरीजों को लेकर आ चुकी है।
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रजिया नाम की दाई महिला अस्पताल में है। इस मामले में उसकी भूमिका की जांचकर कार्रवाई की जाएगी। रजिया की भूमिका पहले भी शक के दायरे में रही है।
- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी
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झंगहा इलाके के मोतीराम अड्डा की शिवराजी पत्नी राजमन मौर्य ने यह आरोप लगाया था कि उनकी बहू पुष्पा का महिला अस्पताल में 10 मार्च को प्रसव हुआ था। पैदा हुए बच्चे को नर्स टीका लगवाने ले गई और फिर मौत की सूचना दी, मगर शिवराजी ने बच्चा चोरी करने का आरोप लगाते हुए एसआईसी से लिखित शिकायत की थी। अस्पताल से बच्चा चोरी होने की खबर पाते ही अफसरों के माथे पर बल पड़ गया और उन्होंने इसकी जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि पुष्पा महिला अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुई थी। उसने सास शिवराजी के उलट बयान दिया है। उसने बताया कि वह महिला अस्पताल गेट पर आई तो कथित नर्स ने उसे एक इंजेक्शन लगाया, जिससे वह बेसुध हो गई और किसी अस्पताल में ले जाकर प्रसव कराया। थोड़ी देर बार जब होश आया तो वह अल्ट्रासाउंड सेंटर में थी। उसके इस बयान के बाद मामला और उलझ गया। अब तक अस्पताल गेट पर नर्सिंग होम के दलालों के सक्रिय होने की बात चर्चा में रहती थी लेकिन बच्चा चोरी और इसकी पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच तेज करने के साथ ही पुलिस को भी सूचना दे दी है। पीड़ित ने भी मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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दाई ले गई थी डायग्नोस्टिक सेंटर
जिला महिला अस्पताल में बच्चा चोरी के मामले में अभी तक कथित नर्स की तलाश हो रही थी लेकिन अब यह साफ हो गया कि इसके पीछे महिला अस्पताल की दाई रजिया का हाथ है। खुद डायग्नोसिस्टक सेंटर के कर्मचारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि रजिया पुष्पा को लेकर आई थी। इसके पहले भी वह कई मरीजों को लेकर आ चुकी है।
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रजिया नाम की दाई महिला अस्पताल में है। इस मामले में उसकी भूमिका की जांचकर कार्रवाई की जाएगी। रजिया की भूमिका पहले भी शक के दायरे में रही है।
- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी