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जिंदगी का सबूत देने जा रहे थे, मौत ने रास्ता रोका
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:19 AM IST
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Dead Body
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पिपरौली (गोरखपुर)। नियति भी अजब खेल रचती है। पेंशन के लिए अपने जीवित होने का प्रमाण देने कोषागार के लिए निकले रिटायर्ड शिक्षक से ये सबूत राह में खड़ी मौत ने छीन लिए। जिस मोपेड से वह चले थे, उसके जीप की चपेट में आने उनकी वहीं मौत हो गई। घटना सहजनवां के खानिमपुर में बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे की है।
खजनी के शहीदाबाद निवासी शिक्षक आल्हा प्रसाद (70) सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
उन्हें पेंशन के दस्तावेज दुरुस्त कराने थे और अपने जीवित होने का प्रमाण भी देना था। इसके लिए कोषागार जाना जरूरी था। बृहस्पतिवार की सुबह वह अपने साथी और रिटायर्ड शिक्षक रामवृक्ष के साथ मोपेड से कोषागार जा रहे थे। रामवृक्ष टेकवार के रहने वाले हैं। इसी दौरान खानिमपुर के पास उनकी मोपेड जीप की चपेट में आ गई। इसमें आल्हा प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल रामवृक्ष को घरवालों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। हादसे के बाद चालक फरार हो गया। दोनों ही मोपेड सवारों ने हेलमेट नहीं लगा रखा था।
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खजनी के शहीदाबाद निवासी शिक्षक आल्हा प्रसाद (70) सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
उन्हें पेंशन के दस्तावेज दुरुस्त कराने थे और अपने जीवित होने का प्रमाण भी देना था। इसके लिए कोषागार जाना जरूरी था। बृहस्पतिवार की सुबह वह अपने साथी और रिटायर्ड शिक्षक रामवृक्ष के साथ मोपेड से कोषागार जा रहे थे। रामवृक्ष टेकवार के रहने वाले हैं। इसी दौरान खानिमपुर के पास उनकी मोपेड जीप की चपेट में आ गई। इसमें आल्हा प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल रामवृक्ष को घरवालों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। हादसे के बाद चालक फरार हो गया। दोनों ही मोपेड सवारों ने हेलमेट नहीं लगा रखा था।
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