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डॉ सतीश नहीं कर पाए कोर्ट में आत्मसमर्पण
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:32 AM IST
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गोरखपुर।
बीआरडी कांड के आरोपी डॉ. सतीश कुमार बृहस्पतिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं कर पाए। गुलरिहा थाने से केस संबंधित रिपोर्ट न आने की वजह से डॉक्टर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायाधीश शिवानंद सिंह ने थानेदार और पैरोकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए रिपोर्ट के साथ 11 सितंबर को कोर्ट में तलब किया है।
बीआरडी कांड में नामजद 9 आरोपियों में से एक डॉ. सतीश के अधिवक्ता शंभुनाथ दुबे ने कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी दी थी। अर्जी के आधार पर कोर्ट की ओर से गुलरिहा थाने से रिपोर्ट मांगी गई थी, मगर पैरोकार कोर्ट से रिपोर्ट अर्जी लेकर थाने नहीं गए और रिपोर्ट कोर्ट में नहीं भेजा गया। खबर है कि बृहस्पतिवार की सुबह से डॉ. सतीश कुमार अपने अधिवक्ता के संपर्क में थे । अधिवक्ता कोर्ट में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को गए तो पता चला कि रिपोर्ट ही नहीं आई। न्यायाधीश शिवानंद सिंह ने वजह के बारे जानकारी हासिल की तो थाने की गलती सामने आई। इसी आधार पर कोर्ट ने थानेदार और पैरोकार को नोटिस जारी करते हुए रिपोर्ट के साथ तलब किया है। नोटिस के जरिए कोर्ट ने एसओ से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी जाए। अब डॉ. सतीश 11 सितंबर को ही आत्म समर्पण कर सकेंगे।
बीआरडी कांड के आरोपी डॉ. सतीश कुमार बृहस्पतिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं कर पाए। गुलरिहा थाने से केस संबंधित रिपोर्ट न आने की वजह से डॉक्टर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायाधीश शिवानंद सिंह ने थानेदार और पैरोकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए रिपोर्ट के साथ 11 सितंबर को कोर्ट में तलब किया है।
बीआरडी कांड में नामजद 9 आरोपियों में से एक डॉ. सतीश के अधिवक्ता शंभुनाथ दुबे ने कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी दी थी। अर्जी के आधार पर कोर्ट की ओर से गुलरिहा थाने से रिपोर्ट मांगी गई थी, मगर पैरोकार कोर्ट से रिपोर्ट अर्जी लेकर थाने नहीं गए और रिपोर्ट कोर्ट में नहीं भेजा गया। खबर है कि बृहस्पतिवार की सुबह से डॉ. सतीश कुमार अपने अधिवक्ता के संपर्क में थे । अधिवक्ता कोर्ट में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को गए तो पता चला कि रिपोर्ट ही नहीं आई। न्यायाधीश शिवानंद सिंह ने वजह के बारे जानकारी हासिल की तो थाने की गलती सामने आई। इसी आधार पर कोर्ट ने थानेदार और पैरोकार को नोटिस जारी करते हुए रिपोर्ट के साथ तलब किया है। नोटिस के जरिए कोर्ट ने एसओ से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी जाए। अब डॉ. सतीश 11 सितंबर को ही आत्म समर्पण कर सकेंगे।
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