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अस्पताल में तोड़फोड़ पर 126 पर केस
Updated Wed, 26 Jul 2017 07:56 PM IST
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प्रदर्शन कर कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
- फोटो : Amar Ujala / File photo
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गोरखपुर।
मोहद्दीपुर में सड़क हादसे में नित्यम की मौत पर टाइमोनियर अस्पताल में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने छह नामजद समेत 126 लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, तोड़फोड़, मारपीट, सड़क जाम करने, सेवन सीएलए की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में नित्यम के चाचा संतोष साहनी समेत छह लोगों को गिरफ्तार भी किया है। वहीं अन्य आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे की मदद ले रही है। कैंट पुलिस ने मोहद्दीपुर चौकी इंचार्ज की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
मंगलवार को मोहद्दीपुर नहर रोड निवासी कैलाश का बेटा नित्यम (15) अपने चचेरे भाई गौरव (16) के साथ कपड़ा लेने जा रहा था। लौटते वक्त मोहद्दीपुर चौराहे के पास नित्यम की बाइक सामने से तेज गति से आ रही एक बाइक से टकरा गई। हादसे में नित्यम गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे लेकर लोग नर्सिंग होम गए, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज नहीं किया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद भड़के लोगों ने शव रखकर जाम लगा दिया। उग्र भीड़ ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। स्टाफ के साथ भी मारपीट की। पथराव के दौरान रोडवेज की पांच बसों के शीशे टूट गए। बाद में एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को भगाया और मौके से ही परिवार वालों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सुबह से ही थाने पर जमे रहे लोग
पुलिस की कार्रवाई के बाद बुधवार की सुबह से ही घरवाले थाने पर जमे रहे। वे गिरफ्तार किए गए लोगों को छोड़ने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने पहले तो डॉक्टर से तहरीर लेनेे की कोशिश की लेकिन उनके इंकार के बाद चौकी इंचार्ज की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने मानवीयता भी दिखाई
जाम और तोड़फोड़ के बाद संवेदनहीन नजर आई पुलिस ने बुधवार को मानवीयता भी दिखाई। कैंट पुलिस ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जहां पिता को छोड़ा वहीं अन्य परिवार वालों को पुलिस अभिरक्षा में घर जाने दिया।
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मोहद्दीपुर में सड़क हादसे में नित्यम की मौत पर टाइमोनियर अस्पताल में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने छह नामजद समेत 126 लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, तोड़फोड़, मारपीट, सड़क जाम करने, सेवन सीएलए की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में नित्यम के चाचा संतोष साहनी समेत छह लोगों को गिरफ्तार भी किया है। वहीं अन्य आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे की मदद ले रही है। कैंट पुलिस ने मोहद्दीपुर चौकी इंचार्ज की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
मंगलवार को मोहद्दीपुर नहर रोड निवासी कैलाश का बेटा नित्यम (15) अपने चचेरे भाई गौरव (16) के साथ कपड़ा लेने जा रहा था। लौटते वक्त मोहद्दीपुर चौराहे के पास नित्यम की बाइक सामने से तेज गति से आ रही एक बाइक से टकरा गई। हादसे में नित्यम गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे लेकर लोग नर्सिंग होम गए, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज नहीं किया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद भड़के लोगों ने शव रखकर जाम लगा दिया। उग्र भीड़ ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। स्टाफ के साथ भी मारपीट की। पथराव के दौरान रोडवेज की पांच बसों के शीशे टूट गए। बाद में एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को भगाया और मौके से ही परिवार वालों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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सुबह से ही थाने पर जमे रहे लोग
पुलिस की कार्रवाई के बाद बुधवार की सुबह से ही घरवाले थाने पर जमे रहे। वे गिरफ्तार किए गए लोगों को छोड़ने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने पहले तो डॉक्टर से तहरीर लेनेे की कोशिश की लेकिन उनके इंकार के बाद चौकी इंचार्ज की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने मानवीयता भी दिखाई
जाम और तोड़फोड़ के बाद संवेदनहीन नजर आई पुलिस ने बुधवार को मानवीयता भी दिखाई। कैंट पुलिस ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जहां पिता को छोड़ा वहीं अन्य परिवार वालों को पुलिस अभिरक्षा में घर जाने दिया।