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पूर्वोत्तर रेलवे के अफसर ने खुद को गोली मारी, मौत
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 05 Sep 2018 01:37 AM IST
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तरुण शुक्ला का फाइल फोटो।
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गोरखपुर। शाहपुर इलाके के कौवाबाग रेलवे कॉलोनी स्थित सरकारी आवास संख्या 29बी रेलवे में उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीओ) पद पर तैनात तरुण शुक्ला (56) ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार की शाम छह बजे के करीब घर में पिता का शव देखकर बेटी ने शोर मचाया। पड़ोसी एकत्र हो गए। पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। तरुण ने गेस्ट रूम के सोफे पर बैठकर खुद को गोली मारी। घटना की वजह पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। हालांकि बेटी तन्वी ने कुछ भी बोलने से इंकार किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर लाइसेंसी रिवाल्वर कब्जे में ले ली। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसके आधार पर पुलिस छानबीन कर रही है। डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं।
बरेली की सुरेश शर्मा नगर कॉलोनी के मूल निवासी तरुण शुक्ला प्रदेश के अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। वह रणजी मैच भी खेल चुके हैं। तरुण ने कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से पढ़ाई की थी, फिर खेल कोटे से रेलवे की नौकरी में आ गए। वह गोरखपुर में पंद्रह सालों से थे। जनवरी 2016 से वह गोरखपुर में उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीओ) पद पर तैनात थे। 2022 में उनका रिटायरमेंट होना था। पुलिस के मुताबिक तरुण शुक्ला मंगलवार को दफ्तर भी नहीं गए थे। उनकी पत्नी अपने बेटे के पास नोएडा गई हैं। घर पर तरुण के अलावा उनकी बेटी तन्वी ही थीं। दोपहर बाद तरुण ने खुद को गेस्ट रूम में अंदर से बंद कर लिया। बेटी ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। देरशाम तक जब दरवाजा नहीं खुला तो बेटी फिर गई और खिड़की से देखा तो सोफे पर पिता का शव देखा। शोर मचाने पर बंगले के परिसर में रहने वाला ही कर्मचारी व पड़ोसी आ गए। दरवाजे का शीशा तोड़कर बेटी और आसपास के लोग गेस्ट रूम में पहुंचे। वहां तरुण सोफे पर मृत मिले। उनके हाथ के पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी मौजूद थी। सूचना मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी भी पहुंच गई। उन्होंने रिवाल्वर कब्जे में ले ली। आरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंचे थे।
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यह घटना दुखद है। रेलवे अधिकारी और कर्मचारी दुख की इस घड़ी में तरुण के परिवार के साथ हैं। पुलिस जांच पुलिस कर रही है। सारे तथ्य जल्द ही सामने आ जाएंगे।
- संजय यादव, सीपीआरओ
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बरेली की सुरेश शर्मा नगर कॉलोनी के मूल निवासी तरुण शुक्ला प्रदेश के अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। वह रणजी मैच भी खेल चुके हैं। तरुण ने कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से पढ़ाई की थी, फिर खेल कोटे से रेलवे की नौकरी में आ गए। वह गोरखपुर में पंद्रह सालों से थे। जनवरी 2016 से वह गोरखपुर में उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीओ) पद पर तैनात थे। 2022 में उनका रिटायरमेंट होना था। पुलिस के मुताबिक तरुण शुक्ला मंगलवार को दफ्तर भी नहीं गए थे। उनकी पत्नी अपने बेटे के पास नोएडा गई हैं। घर पर तरुण के अलावा उनकी बेटी तन्वी ही थीं। दोपहर बाद तरुण ने खुद को गेस्ट रूम में अंदर से बंद कर लिया। बेटी ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। देरशाम तक जब दरवाजा नहीं खुला तो बेटी फिर गई और खिड़की से देखा तो सोफे पर पिता का शव देखा। शोर मचाने पर बंगले के परिसर में रहने वाला ही कर्मचारी व पड़ोसी आ गए। दरवाजे का शीशा तोड़कर बेटी और आसपास के लोग गेस्ट रूम में पहुंचे। वहां तरुण सोफे पर मृत मिले। उनके हाथ के पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी मौजूद थी। सूचना मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी भी पहुंच गई। उन्होंने रिवाल्वर कब्जे में ले ली। आरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंचे थे।
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चार दिन से नहीं जा रहे थे आफिस
तरुण के खुदकुशी की सूचना पर रेलवे अफसर भी मौके पर पहुंचे। सबने यही बताया कि वह चार दिनों से दफ्तर नहीं आ रहे थे। गुमसुम रहने लगे थे। मंगलवार को वह बिना किसी सूचना के दफ्तर नहीं आए और देरशाम आत्महत्या की खबर आ गई।
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रेलवे आफीसर्स एसोसिएशन ने जताया दुख
एनई रेलवे आफीसर्स एसोसिएशन और प्रमोटी आफीसर्स एसोसिएशन ने तरुण शुक्ला के निधन पर शोक व्यक्त किया है। एसोसिएशन का कहना है कि तरुण जिंदादिल इंसान थे। वह टूटकर आत्महत्या कर लेंगे, ऐसा कभी नहीं लगा। यह घटना दुखद है।यह घटना दुखद है। रेलवे अधिकारी और कर्मचारी दुख की इस घड़ी में तरुण के परिवार के साथ हैं। पुलिस जांच पुलिस कर रही है। सारे तथ्य जल्द ही सामने आ जाएंगे।
- संजय यादव, सीपीआरओ