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डॉक्टर समेत तीन से रंगदारी
Updated Tue, 04 Jul 2017 02:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
मुख्यमंत्री के करीबी और शहर के नामचीन डॉक्टर शिवशंकर शाही से 20 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। डॉक्टर शाही को रंगदारी की कॉल करने वाले ने खुद को 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश बताया और देवरिया जेल से कॉल करने की बात कहते हुए 20 लाख न मिलने पर हत्या की धमकी दे डाली। रंगदारी की मांग और धमकी की फोन कॉल का सिलसिला बढ़ने पर चिकित्सक ने आईजी को पूरे मामले की जानकारी दी। डॉक्टर व परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर घर पर दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। मामले की छानबीन क्राइम ब्रांच के हवाले की है।
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के संचालक और शहर के नामचीन डॉक्टरों में शुमार शिवशंकर शाही के पास रंगदारी की मांग की पहली कॉल 28 जून को आई। फोन करने वाले शख्स ने खुद को देवरिया जेल में मौजूद रामाश्रय यादव बताया। अपने इनामी बदमाश होने का हवाला देते हुए 20 लाख रुपये गोला थाना क्षेत्र के ग्राम सुवरज निवासी संजय यादव तक पहुंचाने की बात डॉक्टर शाही से कही। किसी की शरारत मानते हुए डॉक्टर शाही ने इस फोन कॉल को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन जब 29 जून और दो जुलाई को फिर कॉल आईं और रकम न मिलने पर हत्या की धमकी दी गई तो पहले एसएसपी से और फिर आईजी से मिले। सोमवार को उनकी आईजी से मुलाकात के बाद क्राइम ब्रांच को जांच देने के साथ दो सिपाहियों को डॉक्टर की सुरक्षा में लगाया गया है।
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फोन नंबर 9807024779 से डॉ. शाही के पास आई कॉल में कहा गया, मैं रामाश्रय यादव देवरिया जेल से बोल रहा हूं। 20 लाख रुपये संजय यादव पुत्र छविलाल यादव ग्राम सुवरज (गोला) तक पहुंचा दो, नहीं तो घर आकर गोली मारूंगा।
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गृह विभाग ने मांगी रिपोर्ट
डॉ. शिवशंकर शाही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। पिछली दफा गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ही तारामंडल रोड स्थित डॉक्टर शाही के ग्लोबल हॉस्पिटल के नए परिसर का उद्घाटन किया था। डॉ. शाही से रंगदारी मांगने और धमकी दिए जाने की जानकारी से लखनऊ तक सक्रियता बढ़ गई। गृह विभाग ने इस मामले में गोरखपुर पुलिस से अब तक का अपडेट मांगा है।
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कोट
रंगदारी की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस छानबीन कर रही है, जल्द ही रंगदारी मांगने वाले को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-आरपी पांडेय, एसएसपी
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जेल के आसपास की लोकेशन मिली
गोरखपुर। रंगदारी मांगने वाले शख्स के फोन को पुलिस ने सर्विलांस पर लगाया है। फोन की लोकेशन जेल के आसपास की मिली है। पुलिस ने जेल अधिकारियों से भी मामले में संपर्क साधा है।
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ग्राम प्रधान और पत्रकार से भी मांगी रंगदारी
गोरखपुर। डॉ. शिवशंकर शाही के साथ-साथ बेलीपार के प्रधान राम प्रताप से भी फोन से 10 लाख की रंगदारी मांगी गई है। यहां भी कॉल करने वाले खुद को रामाश्रय यादव बताया। इसी तरह बेलीपार इलाके के एक पत्रकार से भी रंगदारी मांगने की बात सामने आई है। दोनों ने सोमवार को एसएसपी को इस बाबत जानकारी दी। एसएसपी को बताया कि फोन करने वाले ने कहा था, शहर में कितनी हत्याएं हो रही है इसका अंदाजा होगा ही। जल्द रकम नहीं दी तो तुम्हारी भी हत्या हो जाएगी।
गोरखपुर।
मुख्यमंत्री के करीबी और शहर के नामचीन डॉक्टर शिवशंकर शाही से 20 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। डॉक्टर शाही को रंगदारी की कॉल करने वाले ने खुद को 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश बताया और देवरिया जेल से कॉल करने की बात कहते हुए 20 लाख न मिलने पर हत्या की धमकी दे डाली। रंगदारी की मांग और धमकी की फोन कॉल का सिलसिला बढ़ने पर चिकित्सक ने आईजी को पूरे मामले की जानकारी दी। डॉक्टर व परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर घर पर दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। मामले की छानबीन क्राइम ब्रांच के हवाले की है।
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के संचालक और शहर के नामचीन डॉक्टरों में शुमार शिवशंकर शाही के पास रंगदारी की मांग की पहली कॉल 28 जून को आई। फोन करने वाले शख्स ने खुद को देवरिया जेल में मौजूद रामाश्रय यादव बताया। अपने इनामी बदमाश होने का हवाला देते हुए 20 लाख रुपये गोला थाना क्षेत्र के ग्राम सुवरज निवासी संजय यादव तक पहुंचाने की बात डॉक्टर शाही से कही। किसी की शरारत मानते हुए डॉक्टर शाही ने इस फोन कॉल को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन जब 29 जून और दो जुलाई को फिर कॉल आईं और रकम न मिलने पर हत्या की धमकी दी गई तो पहले एसएसपी से और फिर आईजी से मिले। सोमवार को उनकी आईजी से मुलाकात के बाद क्राइम ब्रांच को जांच देने के साथ दो सिपाहियों को डॉक्टर की सुरक्षा में लगाया गया है।
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फोन नंबर 9807024779 से डॉ. शाही के पास आई कॉल में कहा गया, मैं रामाश्रय यादव देवरिया जेल से बोल रहा हूं। 20 लाख रुपये संजय यादव पुत्र छविलाल यादव ग्राम सुवरज (गोला) तक पहुंचा दो, नहीं तो घर आकर गोली मारूंगा।
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गृह विभाग ने मांगी रिपोर्ट
डॉ. शिवशंकर शाही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। पिछली दफा गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ही तारामंडल रोड स्थित डॉक्टर शाही के ग्लोबल हॉस्पिटल के नए परिसर का उद्घाटन किया था। डॉ. शाही से रंगदारी मांगने और धमकी दिए जाने की जानकारी से लखनऊ तक सक्रियता बढ़ गई। गृह विभाग ने इस मामले में गोरखपुर पुलिस से अब तक का अपडेट मांगा है।
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कोट
रंगदारी की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस छानबीन कर रही है, जल्द ही रंगदारी मांगने वाले को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-आरपी पांडेय, एसएसपी
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जेल के आसपास की लोकेशन मिली
गोरखपुर। रंगदारी मांगने वाले शख्स के फोन को पुलिस ने सर्विलांस पर लगाया है। फोन की लोकेशन जेल के आसपास की मिली है। पुलिस ने जेल अधिकारियों से भी मामले में संपर्क साधा है।
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ग्राम प्रधान और पत्रकार से भी मांगी रंगदारी
गोरखपुर। डॉ. शिवशंकर शाही के साथ-साथ बेलीपार के प्रधान राम प्रताप से भी फोन से 10 लाख की रंगदारी मांगी गई है। यहां भी कॉल करने वाले खुद को रामाश्रय यादव बताया। इसी तरह बेलीपार इलाके के एक पत्रकार से भी रंगदारी मांगने की बात सामने आई है। दोनों ने सोमवार को एसएसपी को इस बाबत जानकारी दी। एसएसपी को बताया कि फोन करने वाले ने कहा था, शहर में कितनी हत्याएं हो रही है इसका अंदाजा होगा ही। जल्द रकम नहीं दी तो तुम्हारी भी हत्या हो जाएगी।