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मुन्ना बजरंगी गैंग के दो शूटर गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 17 Feb 2018 08:18 PM IST
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पकड़े गए बदमाश।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद मुन्ना बजरंगी गैंग के दो शूटरों को शुक्रवार की रात फैजाबाद से गिरफ्तार कर लिया। शूटर धनेश यादव उर्फ पहलवान गोरखपुर के उरुवा बाजार का रहने वाला है। दूसरा अभिनव प्रताप सिंह फैजाबाद का है। दोनों फैजाबाद में जिला पंचायत सदस्य के पति व प्रापर्टी डीलर रामचंदर की हत्या के इरादे से आए थे। रामचंदर से रंगदारी मांगी गई थी। इन बदमाशों ने इलाहाबाद के एक व्यापारी की हत्या करने के लिए रकम ली थी। अभिनव का नाम धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में भी आया था।
एसटीएफ को अपराधियों की गतिविधि बढ़ने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने अलग-अलग टीमों को अलर्ट किया। अपर पुलिस अधीक्षक एस आनंद और इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह ने सूचना जुटाई। उसके बाद शातिर अपराधी मुन्ना बजरंगी गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी में जुट गए। सूचना के मुताबिक एसटीएफ की टीमें फैजाबाद कोतवाली क्षेत्र के अमानीगंज स्थित स्वयंवर लॉन पहुंचीं। स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी करके धनेश और अभिनव की गिरफ्तारी की कोशिश की गई तो बदमाशों की तरफ से फायर किया जाने लगा। एसटीएफ ने भी जवाबी फायरिंग की और दोनों को दबोच लिया।
पूछताछ में पता चला कि दोनों झांसी जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी के लिए काम करते हैं। मुन्ना बजरंगी और अजय सिपाही नामक व्यक्ति के कहने पर ही फैजाबाद के प्रापर्टी डीलर रामचंदर की हत्या के इरादे से आए थे। अजय सिपाही के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों से वसूली और रंगदारी मांगने सहित कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। उसे मुन्ना बजरंगी का दाया हाथ माना जाता है। रंगदारी में रामचंदर से फ्लैट, जमीन मांगी गई थी, लेकिन वह देने के लिए तैयार नहीं थे। एसटीएफ ने स्थानीय थाने में अभिनव और धनेश के खिलाफ हत्या की साजिश रचने, पुलिस पर जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
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ये असलहे बरामद
32 बोर की पिस्टल, 315 बोर का तमंचा, पांच कारतूस और बिना नंबर की पल्सर बाइक।
केस दर्ज कराने से थी नाराजगी
रंगदारी मांगने के मामले में रामचंदर ने फैजाबाद कोतवाली में मुन्ना बजरंगी, अजय सिपाही, धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह और धनेश यादव के खिलाफ इसी महीने केस दर्ज कराया था। इससे नाराज होकर ही मुन्ना बजरंगी गैंग के सक्रिय सदस्यों ने रामचंदर की हत्या की योजना बनाई थी।
एसटीएफ को मिली सफलता
मुन्ना बजरंगी गैंग के शूटरों की गिरफ्तारी के लिए गोरखपुर एसटीएफ के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह और दरोगा भानु सिंह की अगुवाई में टीम फैजाबाद रवाना हुई थी। इसमें अभिमीत तिवारी, अनूप राय, इंद्र प्रताप, यशवंत सिंह, आशुतोष तिवारी और महेंद्र सिंह शामिल रहे।
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एसटीएफ को अपराधियों की गतिविधि बढ़ने की सूचना मिली थी। इसी आधार पर एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने अलग-अलग टीमों को अलर्ट किया। अपर पुलिस अधीक्षक एस आनंद और इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह ने सूचना जुटाई। उसके बाद शातिर अपराधी मुन्ना बजरंगी गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी में जुट गए। सूचना के मुताबिक एसटीएफ की टीमें फैजाबाद कोतवाली क्षेत्र के अमानीगंज स्थित स्वयंवर लॉन पहुंचीं। स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी करके धनेश और अभिनव की गिरफ्तारी की कोशिश की गई तो बदमाशों की तरफ से फायर किया जाने लगा। एसटीएफ ने भी जवाबी फायरिंग की और दोनों को दबोच लिया।
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पूछताछ में पता चला कि दोनों झांसी जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी के लिए काम करते हैं। मुन्ना बजरंगी और अजय सिपाही नामक व्यक्ति के कहने पर ही फैजाबाद के प्रापर्टी डीलर रामचंदर की हत्या के इरादे से आए थे। अजय सिपाही के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों से वसूली और रंगदारी मांगने सहित कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। उसे मुन्ना बजरंगी का दाया हाथ माना जाता है। रंगदारी में रामचंदर से फ्लैट, जमीन मांगी गई थी, लेकिन वह देने के लिए तैयार नहीं थे। एसटीएफ ने स्थानीय थाने में अभिनव और धनेश के खिलाफ हत्या की साजिश रचने, पुलिस पर जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
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32 बोर की पिस्टल, 315 बोर का तमंचा, पांच कारतूस और बिना नंबर की पल्सर बाइक।
केस दर्ज कराने से थी नाराजगी
रंगदारी मांगने के मामले में रामचंदर ने फैजाबाद कोतवाली में मुन्ना बजरंगी, अजय सिपाही, धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह और धनेश यादव के खिलाफ इसी महीने केस दर्ज कराया था। इससे नाराज होकर ही मुन्ना बजरंगी गैंग के सक्रिय सदस्यों ने रामचंदर की हत्या की योजना बनाई थी।
एसटीएफ को मिली सफलता
मुन्ना बजरंगी गैंग के शूटरों की गिरफ्तारी के लिए गोरखपुर एसटीएफ के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह और दरोगा भानु सिंह की अगुवाई में टीम फैजाबाद रवाना हुई थी। इसमें अभिमीत तिवारी, अनूप राय, इंद्र प्रताप, यशवंत सिंह, आशुतोष तिवारी और महेंद्र सिंह शामिल रहे।