फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   वारंटी को भेजे जेल नहीं तो जाएगी थानेदारी

वारंटी को भेजे जेल नहीं तो जाएगी थानेदारी

Mon, 09 Oct 2017 01:03 AM IST
Updated Mon, 09 Oct 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
वारंटी को भेजे जेल नहीं तो जाएगी थानेदारी

विज्ञापन
गोरखपुर।
महिला अपराध से संबंधित कार्रवाई में सुस्ती दिखाने वाले थानेदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आरोपियों को जेल भेजने में लापरवाही हुई तो थानेदारी जानी तय है। एसएसपी ने साफ कहा कि 100 से ज्यादा गंभीर मामले पेंडिंग रखी गई है, जबकि इसमें अब तक कार्रवाई होना चाहिए था। इन मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित थानेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
रविवार को एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने क्राइम मीटिंग कर महिला अपराध में कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी थानेदारों से कहा कि वह महिला अपराध से जुड़े मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करें। अभियुक्तों को जेल भेजने में आनाकानी होने की वजह से ही ऐसे अपराधों की संख्या बढ़ती है। फिर बड़े अपराध भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर, जीडी सभी की ऑनलाइन फीडिंग की जाए। केस दर्ज करने में आनाकानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी तमाम शिकायतें रोजाना अफसरों के पास आती है जिसमें थाने स्तर से ही कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ता है। इस स्थिति में भी सुधार लाया जाए। एसएसपी ने कहा कि थाने पर फरियादी को न्याय मिले। जांच पड़ताल कर दोषी को ही जेल भेजा जाए। ऐसे तमाम मामले भी उदाहरण है जिसमें थाने स्तर पर पुलिस मामले में कार्रवाई करने की जगह रफा दफा करने में लग जाती है। ऐसी शिकायतें आई तो कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


पुलिस वालों की समस्याएं सुनीं
एसएसपी ने पुलिस लाइंस में रहने वाले पुलिसकर्मी और उनके परिवार वालों की समस्याएं भी सुनी। एसएसपी ने बताया कि आवास व अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर जो भी शिकायतें आई है उस पर काम कर समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed