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लाखों की ठगी कर कंपनी फरार
Updated Thu, 08 Jun 2017 01:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चौरीचौरा।
एजेंट के जरिए रुपये जमाकर ज्यादा मुनाफा देने वाली कंपनी के लाखों की ठगी कर फरार होने का मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल की श्रीयल्टी कंपनी का दफ्तर चौरीचौरा में खुला था। आरोप है कि करीब 25 लाख रुपये लेकर कंपनी भाग गई। एजेंट ने कंपनी के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एजेंट धर्मेंद्र जायसवाल के मुताबिक पश्चिम बंगाल की कंपनी का दफ्तर चौरीचौरा और सोनबरसा में नवंबर 2014 में खुला था। इलाके के बेरोजगार इसके एजेंट बनाए गए। कंपनी एक साल के लिए एकाउंट खोलती थी, जिसमें 100 रुपये रोजाना जमा करना होता था। कंपनी ने एक साल बाद 38 हजार 690 रुपये भुगतान का दावा किया था। शुरू के कुछ दिनों में पेमेंट भी हुआ लेकिन बाद में कंपनी रुपये देने में आनाकानी करने लगी। बात बढ़ने पर करीब आठ महीने पहले एसडीएम ने हस्तक्षेप कर रुपये वापस करने के बाद ही दफ्तर खोलने का आदेश दिया था, जिसके कुछ दिन बाद तक रुपये वापस होने का आश्वासन मिला लेकिन अब कंपनी के अफसर फरार हो गए हैं। धर्मेंद के मुताबिक करीब 300 खाताधारकों का रुपया फंसा है। फोन पर भी कंपनी के लोगों से बात नहीं हो पा रही है। डायरेक्टर का नाम सुभाषचंद्र गुप्ता, हरीपुर गांव, बर्दवान, पश्चिम बंगाल है। एजेंट की तहरीर के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। एसओ रामअशीष यादव का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है, केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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चौरीचौरा।
एजेंट के जरिए रुपये जमाकर ज्यादा मुनाफा देने वाली कंपनी के लाखों की ठगी कर फरार होने का मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल की श्रीयल्टी कंपनी का दफ्तर चौरीचौरा में खुला था। आरोप है कि करीब 25 लाख रुपये लेकर कंपनी भाग गई। एजेंट ने कंपनी के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एजेंट धर्मेंद्र जायसवाल के मुताबिक पश्चिम बंगाल की कंपनी का दफ्तर चौरीचौरा और सोनबरसा में नवंबर 2014 में खुला था। इलाके के बेरोजगार इसके एजेंट बनाए गए। कंपनी एक साल के लिए एकाउंट खोलती थी, जिसमें 100 रुपये रोजाना जमा करना होता था। कंपनी ने एक साल बाद 38 हजार 690 रुपये भुगतान का दावा किया था। शुरू के कुछ दिनों में पेमेंट भी हुआ लेकिन बाद में कंपनी रुपये देने में आनाकानी करने लगी। बात बढ़ने पर करीब आठ महीने पहले एसडीएम ने हस्तक्षेप कर रुपये वापस करने के बाद ही दफ्तर खोलने का आदेश दिया था, जिसके कुछ दिन बाद तक रुपये वापस होने का आश्वासन मिला लेकिन अब कंपनी के अफसर फरार हो गए हैं। धर्मेंद के मुताबिक करीब 300 खाताधारकों का रुपया फंसा है। फोन पर भी कंपनी के लोगों से बात नहीं हो पा रही है। डायरेक्टर का नाम सुभाषचंद्र गुप्ता, हरीपुर गांव, बर्दवान, पश्चिम बंगाल है। एजेंट की तहरीर के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। एसओ रामअशीष यादव का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है, केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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