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रेलवे प्रेस में जला रेलकर्मी, मौत

Wed, 04 Apr 2018 01:00 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Wed, 04 Apr 2018 01:00 AM IST
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रेलवे प्रेस में जिंदा जला रेलकमी
संजय कुमार यादव की फाइल फोटो। - फोटो : Amar Ujala
रेलवे महाप्रबंधक दफ्तर के पास स्थित रेलवे प्रेस में मंगलवार की दोपहर कर्मचारी संजय कुमार यादव (55) की रहस्यमय हाल में जलने से मौत हो गई। बेटे आशुतोष यादव ने सूदखोरों पर जलाकर मारने का आरोप लगाते हुए कैंट थाने में तहरीर दी है। वहीं पुलिस आत्महत्या मानकर मामले की जांच कर रही है।
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गोलघर पुर्दिलपुर निवासी संजय कुमार यादव रेलवे प्रेस में टेक्नीशियन तृतीय के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार दोपहर 1:30 बजे भोजनावकाश होने पर प्रेस के अधिकतर कर्मचारी खाने चले गए। चौथी मंजिल पर स्थित टाइपिंग सेक्शन में संजय सहित कुछ कर्मचारी ही मौजूद थे। करीब 1:35 बजे बाथरूम के पास शोर सुनकर अंदर मौजूद कर्मचारी उधर भागे। वहां आग की लपटों से घिरे संजय चिल्ला रहे थे। कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश के साथ इसकी सूचना आरपीएफ को दी। आरपीएफ के न आने पर पुलिस कंट्रोल रूम में घटना की जानकारी दी और एंबुलेंस बुलाई। एंबुलेंस पहुंचने से पहले ही संजय ने दम तोड़ दिया।
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घटना की जानकारी पर रिश्तेदारों के साथ पहुंचे संजय के बेटे आशुतोष यादव ने रेलवे में सूदखोरी का धंधा करने वाले चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। आशुतोष के मुताबिक नोटबंदी के दौरान सूदखोरों ने उनके पिता को छह लाख रुपये दिए थे। ब्याज जोड़कर यह रकम 13 लाख रुपये हो गई थी। रकम लौटाने के लिए कुछ दिनों पहले सूदखोरों ने पिता के साथ मारपीट भी की थी और लगातार धमकी दे रहे थे। कहा कि उनके पिता ने 11 लाख रुपये वापस कर दिए थे। दो लाख रुपये के लिए मोहलत मांग रहे थे। लेकिन सूदखोर समय देने के लिए तैयार नहीं थे। आशुतोष ने कथित सिपाही राजू यादव, रेलवे प्रेस में ही कार्यरत अर्जुन यादव, प्रदीप यादव तथा राय उपनाम लिखने वाले व्यक्ति के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। कैंट इंस्पेक्टर मनोज पाठक ने बताया कि मामला आत्महत्या लग रहा है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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प्रेस में नहीं हो सकती किसी बाहरी की एंट्री
संजय के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि वह पांच दिनों से गुमसुम थे। कभी-कभार ही किसी से बातें करते थे। कर्मचारियों के मुताबिक प्रेस में कोई भी बाहरी शख्स नहीं आ सकता है।


घर पर मची चीख-पुकार
संजय की मौत की खबर घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। संजय की मां किरन का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटा आशुतोष बीकाम का छात्र है और बेटी अदिति यादव इंटर में पढ़ती है।
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