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थाने से दामाद को छुड़ाया, नहीं दी तहरीर
Updated Sat, 09 Sep 2017 08:39 PM IST
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गोरखपुर।
पूर्वी बशारतपुर में बेटी संग खुदकुशी करने वाली शोभा की मां के लिखित बयान के बाद पति डॉ. सुभाष प्रजापति छोड़ दिए गए। शोभा की मां ने पुलिस को लिखित प्रार्थनापत्र देकर कहा कि दामाद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनकी कोई गलती ही नहीं है। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी को पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार ठहराया है लेकिन बेटी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी। इंस्पेक्टर शाहपुर घनश्याम ने कहा कि मृतका की मां के बयान पर दामाद छोड़े गए हैं। तहरीर मिली तो केस दर्ज किया जाएगा।
शाहपुर क्षेत्र के पूर्वी बशारतपुर में डॉ. सुभाष प्रजापति की पत्नी शोभा अपनी बड़ी बेटी एंजल और बेटे अथर्व तथा छोटी बेटी आराध्या के साथ फांसी के फंदे पर झूल गई थी। इसमें शोभा और उसकी एंजल की मौत हो गई थी जबकि बेटा जान बचाकर भाग गया था। छोटी बेटी को समय से पहुंचे पुलिस वालों ने बचा लिया था। मौत की सूचना पर पहुंची शोभा की बहन गंगा ने अपने बहनोई डॉ. सुभाष तथा उनके परिवारवालों पर शोभा को प्रताड़ित करने का आरोप हुए आत्महत्या के उकसाने का केस दर्ज कराने को तहरीर भी दे दी। पुलिस ने पति डॉ. सुभाष और ससुर जवाहर लाल प्रजापति को हिरासत में ले लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर भी गंगा ने अपना दावा किया लेकिन पुलिस ने शव उसके ससुरालवालों को ही सुपुर्द किया और शव के अंतिम संस्कार के लिए ससुर जवाहरलाल प्रजापति को छोड़ दिया। इसके बाद ही शोभा की मां के आने पर डॉ. सुभाष को पुलिस ने छोड़ दिया है। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि मृतका की मां ने मुलाकात की थी। यदि वह तहरीर देगी तो पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
बेहतर काम करने वाले सिपाही होंगे पुरस्कृत
गोरखपुर। बशारतपुर में आत्महत्या की सूचना आते ही मौके पर पहुंचकर एक बच्ची की जान बचा लेने वाले सिपाही संतोष व संजय को पुरस्कृत किया जाएगा। गुरुवार को महिला के बच्चों संग आत्महत्या किए जाने की सूचना वायरलेस सेट पर प्रसारित होते ही हल्का सिपाही दौड़ पड़े थे। उनकी तेजी का ही असर था कि छोटी बेटी की जान बच गई। पुलिस यदि थोड़ी भी देरी करती तो उसकी भी जान चली गई होती। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि बेहतर काम करने वाले सिपाहियों को विभाग की ओर से पुरस्कार दिया जाएगा।
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पूर्वी बशारतपुर में बेटी संग खुदकुशी करने वाली शोभा की मां के लिखित बयान के बाद पति डॉ. सुभाष प्रजापति छोड़ दिए गए। शोभा की मां ने पुलिस को लिखित प्रार्थनापत्र देकर कहा कि दामाद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनकी कोई गलती ही नहीं है। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी को पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार ठहराया है लेकिन बेटी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी। इंस्पेक्टर शाहपुर घनश्याम ने कहा कि मृतका की मां के बयान पर दामाद छोड़े गए हैं। तहरीर मिली तो केस दर्ज किया जाएगा।
शाहपुर क्षेत्र के पूर्वी बशारतपुर में डॉ. सुभाष प्रजापति की पत्नी शोभा अपनी बड़ी बेटी एंजल और बेटे अथर्व तथा छोटी बेटी आराध्या के साथ फांसी के फंदे पर झूल गई थी। इसमें शोभा और उसकी एंजल की मौत हो गई थी जबकि बेटा जान बचाकर भाग गया था। छोटी बेटी को समय से पहुंचे पुलिस वालों ने बचा लिया था। मौत की सूचना पर पहुंची शोभा की बहन गंगा ने अपने बहनोई डॉ. सुभाष तथा उनके परिवारवालों पर शोभा को प्रताड़ित करने का आरोप हुए आत्महत्या के उकसाने का केस दर्ज कराने को तहरीर भी दे दी। पुलिस ने पति डॉ. सुभाष और ससुर जवाहर लाल प्रजापति को हिरासत में ले लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर भी गंगा ने अपना दावा किया लेकिन पुलिस ने शव उसके ससुरालवालों को ही सुपुर्द किया और शव के अंतिम संस्कार के लिए ससुर जवाहरलाल प्रजापति को छोड़ दिया। इसके बाद ही शोभा की मां के आने पर डॉ. सुभाष को पुलिस ने छोड़ दिया है। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि मृतका की मां ने मुलाकात की थी। यदि वह तहरीर देगी तो पुलिस केस दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
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बेहतर काम करने वाले सिपाही होंगे पुरस्कृत
गोरखपुर। बशारतपुर में आत्महत्या की सूचना आते ही मौके पर पहुंचकर एक बच्ची की जान बचा लेने वाले सिपाही संतोष व संजय को पुरस्कृत किया जाएगा। गुरुवार को महिला के बच्चों संग आत्महत्या किए जाने की सूचना वायरलेस सेट पर प्रसारित होते ही हल्का सिपाही दौड़ पड़े थे। उनकी तेजी का ही असर था कि छोटी बेटी की जान बच गई। पुलिस यदि थोड़ी भी देरी करती तो उसकी भी जान चली गई होती। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि बेहतर काम करने वाले सिपाहियों को विभाग की ओर से पुरस्कार दिया जाएगा।
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