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गोरखपुर - सुनी होती फरियाद तो...
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ट्रिपल मर्डर की साइड स्टोरी
सुनी होती फरियाद तो बच सकती थी तीन जान
घर पर कब्जा होने पर तहसील और थाना दिवस का चक्कर लगाते रह गए दुर्गा
अमर उजाला ब्यूरो
उनवल (गोरखपुर)। खजनी के पुरसापुर गांव के सहसपुर उर्फ कुंवरजोत टोला में तीन जिंदगियां प्रशासन और पुलिस की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। घर पर कब्जे की फरियाद लेकर दुर्गा सिंह तहसील दिवस से लेकर थाना दिवस तक के चक्कर काटते रहे लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। इसी का परिणाम था कि शुक्रवार को दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और तीन जिंदगियां खत्म हो गई। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसडीएम खजनी गौरव श्रीवास्तव ने एक-एक पहलू की जांच कर कार्रवाई करने को कहा है।
दुर्गा के घरवालों के मुताबिक उनके भाइयों ने जमीन बेची थी जिसके बाद मुंशी पक्ष के लोग मकान पर भी कब्जा करना चाहते थे। एक महीने पहले मुंशी ने अचानक मकान पर ताला बंद कर दिया था। इसके बाद दुर्गा तहसील से लेकर थाने तक फरियाद लेकर दौड़ते रहे। उन्होंने मकान के कागजात भी अफसरों को दिखाए मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। फरियाद पर जांच का आदेश तो दिया गया, लेकिन फिर फाइल बंद हो गई। गांव के लोग पुलिस और प्रशासन की लापरवाही पर बेहद नाराज हैं।
इनसेट
चौकी से चंद कदम दूर हुई वारदात
वारदात उनवल पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर हुई, लेकिन पुलिस बेखबर रही, जबकि यह मामला पहले भी चौकी पर जा चुका था। दबी जुबान से ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को भी विवाद होने पर लोग चौकी पर गए थे, लेकिन चौकी इंचार्ज ने खुद का क्षेत्र न होने की बात कहकर उन्हें लौटा लिया। हालांकि एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता का कहना है कि पुलिस के समय से पहुंचने से ही मामला निपट गया नहीं तो और बड़ी घटना हो सकती थी।
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तिहरे हत्याकांड में प्रभारी डीएम का कोट
मौके पर कोई पक्ष नहीं मिला जिससे अभी यह बता पाना कठिन है कि हत्या की वजह जमीन थी या मकान। अगर संपत्ति विवाद पर तहसील या थाना दिवस में कोई शिकायत हुई होगी तो उसकी प्रकृति और संबंधित विभाग की तरफ से हुई कार्रवाई की पड़ताल कराई जाएगी। अगर कहीं पर भी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
- अनुज सिंह, प्रभारी डीएम व सीडीओ
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सुनी होती फरियाद तो बच सकती थी तीन जान
घर पर कब्जा होने पर तहसील और थाना दिवस का चक्कर लगाते रह गए दुर्गा
अमर उजाला ब्यूरो
उनवल (गोरखपुर)। खजनी के पुरसापुर गांव के सहसपुर उर्फ कुंवरजोत टोला में तीन जिंदगियां प्रशासन और पुलिस की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। घर पर कब्जे की फरियाद लेकर दुर्गा सिंह तहसील दिवस से लेकर थाना दिवस तक के चक्कर काटते रहे लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। इसी का परिणाम था कि शुक्रवार को दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए और तीन जिंदगियां खत्म हो गई। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसडीएम खजनी गौरव श्रीवास्तव ने एक-एक पहलू की जांच कर कार्रवाई करने को कहा है।
दुर्गा के घरवालों के मुताबिक उनके भाइयों ने जमीन बेची थी जिसके बाद मुंशी पक्ष के लोग मकान पर भी कब्जा करना चाहते थे। एक महीने पहले मुंशी ने अचानक मकान पर ताला बंद कर दिया था। इसके बाद दुर्गा तहसील से लेकर थाने तक फरियाद लेकर दौड़ते रहे। उन्होंने मकान के कागजात भी अफसरों को दिखाए मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। फरियाद पर जांच का आदेश तो दिया गया, लेकिन फिर फाइल बंद हो गई। गांव के लोग पुलिस और प्रशासन की लापरवाही पर बेहद नाराज हैं।
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चौकी से चंद कदम दूर हुई वारदात
वारदात उनवल पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर हुई, लेकिन पुलिस बेखबर रही, जबकि यह मामला पहले भी चौकी पर जा चुका था। दबी जुबान से ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को भी विवाद होने पर लोग चौकी पर गए थे, लेकिन चौकी इंचार्ज ने खुद का क्षेत्र न होने की बात कहकर उन्हें लौटा लिया। हालांकि एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता का कहना है कि पुलिस के समय से पहुंचने से ही मामला निपट गया नहीं तो और बड़ी घटना हो सकती थी।
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तिहरे हत्याकांड में प्रभारी डीएम का कोट
मौके पर कोई पक्ष नहीं मिला जिससे अभी यह बता पाना कठिन है कि हत्या की वजह जमीन थी या मकान। अगर संपत्ति विवाद पर तहसील या थाना दिवस में कोई शिकायत हुई होगी तो उसकी प्रकृति और संबंधित विभाग की तरफ से हुई कार्रवाई की पड़ताल कराई जाएगी। अगर कहीं पर भी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
- अनुज सिंह, प्रभारी डीएम व सीडीओ