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महराजगंज में रोहिन नदी पर 100 करोड़ से बनेगा बैराज
Wed, 12 Jun 2019 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2019 01:58 AM IST
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गोरखपुर। रोहिन नहर प्रणाली को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए प्रदेश सरकार रोहिन नदी पर 100 करोड़ की लागत से बैराज का निर्माण कराने जा रही है। इसके बन जाने से 8800 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई आसान हो जाएगी। सिंचाई विभाग ने सर्र्वे कर इसकी डिजाइन बना ली है। अफसरों का कहना है कि एक्सपर्ट फर्म के मिलते ही उसके साथ अनुबंध कर लिया जाएगा। धन समय से मिला तो विभाग छह महीने में कार्य पूरा करा देगा।
महराजगंज जिले के नौतनवां तहसील के पास मिश्रौलिया गांव के समीप रोहिन नदी नेपाल से निकल कर गोरखपुर के पास राप्ती में मिलती है। जमींदारी के जमाने में मिश्रौलिया के पास नदी को बांध कर सिंचाई के लिए नहर प्रणाली की शुरुआत की गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उससे करीब 60 वर्षों तक सिंचाई होती रही। बाद में नहर टूट गई। जब दूसरी नहर प्रणाली बनाने की कवायद शुरू हुई तो पूरा निर्माण बाढ़ की वजह से रोहिन की धारा में बह गया। जिससे करीब 20 साल से उससे सिंचाई नहीं होती है।
एक बार फिर प्रदेश सरकार ने नए सिरे से कवायद शुरू की है। 100 करोड़ की लागत से बनने वाले बैराज का पूरा मॉडल नई तकनीक पर आधारित होगा। तेज बहाव भी बैराज को प्रभावित नहीं कर सकेगा। जहां बैराज का निर्माण होगा वहीं नदी पर गेट भी बनाया जाएगा। ताकि नदी का पानी स्टोर किया जा सके। पानी का दबाव बढ़ने या किसानों को सिंचाई संबंधी पानी की जरूरत पर गेट खोला जाएगा।
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महराजगंज जिले के नौतनवां तहसील के पास मिश्रौलिया गांव के समीप रोहिन नदी नेपाल से निकल कर गोरखपुर के पास राप्ती में मिलती है। जमींदारी के जमाने में मिश्रौलिया के पास नदी को बांध कर सिंचाई के लिए नहर प्रणाली की शुरुआत की गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उससे करीब 60 वर्षों तक सिंचाई होती रही। बाद में नहर टूट गई। जब दूसरी नहर प्रणाली बनाने की कवायद शुरू हुई तो पूरा निर्माण बाढ़ की वजह से रोहिन की धारा में बह गया। जिससे करीब 20 साल से उससे सिंचाई नहीं होती है।
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एक बार फिर प्रदेश सरकार ने नए सिरे से कवायद शुरू की है। 100 करोड़ की लागत से बनने वाले बैराज का पूरा मॉडल नई तकनीक पर आधारित होगा। तेज बहाव भी बैराज को प्रभावित नहीं कर सकेगा। जहां बैराज का निर्माण होगा वहीं नदी पर गेट भी बनाया जाएगा। ताकि नदी का पानी स्टोर किया जा सके। पानी का दबाव बढ़ने या किसानों को सिंचाई संबंधी पानी की जरूरत पर गेट खोला जाएगा।
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- एके सिंह, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभागरोहिन नदी पर 100 करोड़ की लागत से बैराज का निर्माण कराया जाएगा। इसकी सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं। टेंडर में उपयुक्त संस्था नहीं मिलने की वजह से काम आगे नहीं बढ़ पाया है। जैसे ही योग्य संस्था से अनुबंध होगा काम शुरू कर दिया जाएगा।
सिंचाई के साथ बाढ़ के कहर से बचाव हुआ आसान
महराजगंज। नौतनवां क्षेत्र की रोहिन नदी पर रतनपुर में बैराज बनने की मंजूरी के बाद क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। खेतों की सिंचाई के साथ साथ बाढ़ का कहर भी लोगों को नहीं झेलना पड़ेगा। यह बैराज 25 साल से ध्वस्त पड़ा था, लेकिन इसकी मरम्मत की दिशा में सरकार ध्यान नहीं दे रही थी। सिरसिया गांव के रामप्यारे कहते हैं कि बैराज के ध्वस्त होने से खेती की सिंचाई बहुत मुश्किल होती थी। बरसात का इंतजार करना पड़ता। अब बैराज बन जाएगा तो सिंचाई के साथ साथ बाढ़ के कहर से भी मुक्ति मिल जाएगी। सोनपिपरी गांव के दयाराम, प्रमोद यादव, बैरवां बनकटवां के चंद्रजीत, मंसूर आलम, महबूब ने कहा कि अब समस्या दूर हो जाएगी। राज्य सरकार किसानों की समस्या को लेकर गंभीर हुई है।इन गांवों को मिलेगी सुविधा
नौतनवां एवं लक्ष्मीपुर के करीब 50 से अधिक गांवों के किसान इससे लाभान्वित होंगे। रतनपुर, कोहडवल, सोनपिपरी, खोरिया, सिरसिया, बैरवां चंदनपुर, बनकटवां, रामनगर, पिपरियां, करैलां, सिंहपुर, अजगरहां, भैसहिया पाठक, बरगदवां अयोध्या, बेलवां, बकईनियां, सोंधी, लक्ष्मीपुर, सोनबरसा, करमहवां समेत अन्य गांवों के किसानों को सिचाई की सुविधा मिलेगी।नोट:आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।