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सीएम को वीरता पुरस्कार लौटाने पहुंचा रिटायर्ड फौजी
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Mon, 27 Aug 2018 02:22 AM IST
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सीएम को वीरता पुरस्कार लौटाने पहुंचा रिटायर्ड फौजी
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। राष्ट्रपति से वीरता पुरस्कार और विदेश सेवा मेडल प्राप्त कर चुके सेना के रिटायर्ड हवलदार चंद्रभान मल्ल ने पुलिस पर भूमाफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वह पुलिस के रवैये से इस कदर क्षुब्ध हैं कि रविवार को गोरखनाथ मंदिर स्थित सीएम कार्यालय में अपने मेडल वापस करने पहुंच गए। हालांकि वहां सीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें मनाया।
मऊ के मधुबन थानाक्षेत्र के लखनौरा गांव निवासी चंद्रभान मल्ल सेना से रिटायर्ड हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2006 में पत्नी कमलावती देवी के नाम से गोरखपुर के महादेव झारखंडी में 4950 वर्ग फिट भूमि की रजिस्ट्री कराई थी। उनका आरोप है कि भूमि का बैनामा करने वाले दिलीप पांडेय ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कराए और 2016 में कई लोगों को वही भूमि बेच दी।
मालिकाना हक मिलने के बाद मकान बनवाने पहुंचे तो आरोपी और उसके सहयोगियों ने दिलीप पीटकर भगा दिया। इस मामले में उन्होंने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 2016 से विवेचना चल रही थी। अब पता चला कि विवेचक ने साक्ष्यों को दरकिनार करके मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। फर्जीवाड़ा करने वालों को क्लीन चिट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन पुलिस बदलने को तैयार नहीं है। अब मेडल वापस करके विरोध जताने आया हूं। अधिकारियों ने उनसे शिकायती पत्र लिया और सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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मऊ के मधुबन थानाक्षेत्र के लखनौरा गांव निवासी चंद्रभान मल्ल सेना से रिटायर्ड हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2006 में पत्नी कमलावती देवी के नाम से गोरखपुर के महादेव झारखंडी में 4950 वर्ग फिट भूमि की रजिस्ट्री कराई थी। उनका आरोप है कि भूमि का बैनामा करने वाले दिलीप पांडेय ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कराए और 2016 में कई लोगों को वही भूमि बेच दी।
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मालिकाना हक मिलने के बाद मकान बनवाने पहुंचे तो आरोपी और उसके सहयोगियों ने दिलीप पीटकर भगा दिया। इस मामले में उन्होंने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 2016 से विवेचना चल रही थी। अब पता चला कि विवेचक ने साक्ष्यों को दरकिनार करके मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। फर्जीवाड़ा करने वालों को क्लीन चिट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन पुलिस बदलने को तैयार नहीं है। अब मेडल वापस करके विरोध जताने आया हूं। अधिकारियों ने उनसे शिकायती पत्र लिया और सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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