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गोरखपुर में वृद्धाश्रम पर एसआईटी का छापा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 22 Aug 2018 01:45 AM IST
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वृद्धाश्रम पर पहुंची एसआईटी की टीम।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। देवरिया कांड में फंसी संस्था संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और उनके पति मोहन त्रिपाठी को साथ लेकर एसआईटी, एसटीएफ की टीम मंगलवार को देरशाम गोरखपुर के चाणक्यपुरी स्थित वृद्धाश्रम पहुंची। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील वृद्धाश्रम का ताला खोला गया, फिर एसआईटी, फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल की। आलमारी से बरामद तमाम कागजात, फाइल, पेन ड्राइव, पैन कार्ड, मोबाइल और मोबाइल टैब जब्त किए गए हैं।
गिरिजा त्रिपाठी को एसआईटी ने रिमांड पर लिया था। रिमांड की अवधि मंगलवार को रात नौ बजे तक की थी। इससे पहले ही एसआईटी ने गोरखपुर के सील वृद्धाश्रम पर छापेमारी करके जांच-पड़ताल की। एडीजी क्राइम संजय सिंघल के साथ गोरखपुर एसटीएफ, गोरखपुर और देवरिया पुलिस की टीम देरशाम वृद्धाश्रम पहुंची। गोरखपुर और लखनऊ की फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। करीब दो घंटे की जांच में एसआईटी ने यह पता लगाने की कोशिश की कि मान्यता न होने के बाद भी वृद्धाश्रम कैसे चलता रहा। कहां, कहां से फंडिंग हुई। कौन-कौन वीआईपी आते रहे हैं। कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी जब्त की गई है। एसआईटी ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच भी की। गोरखपुर का वृद्धाश्रम सात अगस्त को सील किया गया था। इसी वजह मजिस्ट्रेट (एसडीएम सदर) की मौजूदगी में छानबीन की गई है।
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गिरिजा त्रिपाठी को एसआईटी ने रिमांड पर लिया था। रिमांड की अवधि मंगलवार को रात नौ बजे तक की थी। इससे पहले ही एसआईटी ने गोरखपुर के सील वृद्धाश्रम पर छापेमारी करके जांच-पड़ताल की। एडीजी क्राइम संजय सिंघल के साथ गोरखपुर एसटीएफ, गोरखपुर और देवरिया पुलिस की टीम देरशाम वृद्धाश्रम पहुंची। गोरखपुर और लखनऊ की फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। करीब दो घंटे की जांच में एसआईटी ने यह पता लगाने की कोशिश की कि मान्यता न होने के बाद भी वृद्धाश्रम कैसे चलता रहा। कहां, कहां से फंडिंग हुई। कौन-कौन वीआईपी आते रहे हैं। कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी जब्त की गई है। एसआईटी ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच भी की। गोरखपुर का वृद्धाश्रम सात अगस्त को सील किया गया था। इसी वजह मजिस्ट्रेट (एसडीएम सदर) की मौजूदगी में छानबीन की गई है।
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