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काउंसलिंग के नाम पर वृद्धाश्रम में आती थीं लड़कियां
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 07 Aug 2018 01:49 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। देवरिया के नारी संरक्षण गृह में देह व्यापार और लड़कियों के उत्पीड़न का भंडाफोड़ होने के बाद हड़कंप मचा है। प्रशासनिक और पुलिस अफसरों की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गोरखपुर के खोराबार इलाके में रानीडीहा में गिरिजा त्रिपाठी के निजी मकान में ही वृद्धाश्रम चलता है। आसपास के लोगों और आश्रम के एक कर्मचारी का कहना है कि वृद्धाश्रम में अक्सर लड़कियां आती थीं। काउंसलिंग के बहाने लड़कियों को वृद्धाश्रम में ही रोका जाता था।
पिछले चार साल से खोराबार के रानीडीहा में वृद्धाश्रम संचालित हो रहा है। रिकॉर्ड के मुताबिक आश्रम में चार बुजुर्ग महिलाएं हैं। इनकी देखरेख के लिए ग्यारह कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें डॉक्टर भी शामिल हैं। देवरिया में छापेमारी के बाद से यहां का ज्यादातर स्टाफ फरार है। वहीं, छानबीन के डर से सोमवार को दिनभर कार्यालय के दस्तावेज और रजिस्टर दुरुस्त किए गए। संचालिका कुछ बोलने से बच रही हैं। परिसर में किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। आश्रम के एक कर्मचारी ने बताया कि बुजुर्गों की काउंसलिंग के लिए लड़कियां आती थीं। आसपास के लोगों का भी कहना है कि आश्रम में कई बार लड़कियां देखी गई हैं। हालांकि पुलिस आश्रम में जांच पड़ताल करने नहीं गई है।
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देवरिया प्रकरण की जांच के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। 18 लापता लड़कियों की भी तलाश की जा रही है। रेंज के कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज को भी अपने-अपने क्षेत्र में जांच का आदेश दिया गया है।
नीलाब्जा चौधरी, आईजी रेंज गोरखपुर
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पिछले चार साल से खोराबार के रानीडीहा में वृद्धाश्रम संचालित हो रहा है। रिकॉर्ड के मुताबिक आश्रम में चार बुजुर्ग महिलाएं हैं। इनकी देखरेख के लिए ग्यारह कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें डॉक्टर भी शामिल हैं। देवरिया में छापेमारी के बाद से यहां का ज्यादातर स्टाफ फरार है। वहीं, छानबीन के डर से सोमवार को दिनभर कार्यालय के दस्तावेज और रजिस्टर दुरुस्त किए गए। संचालिका कुछ बोलने से बच रही हैं। परिसर में किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। आश्रम के एक कर्मचारी ने बताया कि बुजुर्गों की काउंसलिंग के लिए लड़कियां आती थीं। आसपास के लोगों का भी कहना है कि आश्रम में कई बार लड़कियां देखी गई हैं। हालांकि पुलिस आश्रम में जांच पड़ताल करने नहीं गई है।
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काश आठ साल पहले ही चेत गई होती पुलिस
गिरिजा का एक और वृद्धाश्रम करीब आठ साल पहले बशारतपुर में चलता था। वहां लड़कियों के होने और रात में रुकने की शिकायत पर आसपास के लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने छानबीन करके दो लड़कियों की बरामदगी भी की थी। बाद में इन लड़कियों को इलाहाबाद शिफ्ट करके मामले से पल्ला झाड़ लिया गया। यदि आठ साल पहले पुलिस, प्रशासनिक अफसर विस्तृत छानबीन करते तो मामला पकड़ में आ जाता। इस तरह के जाल में मासूम बेटियां नहीं फंसतीं। मामला शांत होने के बाद वृद्धाश्रम खोराबार के रानीडीहा में शिफ्ट कर दिया गया। अगर पुलिस ने तब ही जांच कर सच्चाई जानने की कोशिश की होती तो शायद देवरिया में इतना बड़ा मामला न होता।
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आईजी ने जारी किया अलर्ट, हर जिले में होगी जांच
देवरिया में नारी संरक्षण गृह में देह व्यापार का भंडाफोड़ होने के बाद आईजी गोरखपुर रेंज नीलाब्जा चौधरी ने अलर्ट जारी किया है। उन्होंने रेंज के सभी जिले के एसपी को पत्र भेजकर अपने-अपने इलाके में मौजूद नारी संरक्षण गृह, बालिका संरक्षण केंद्र आदि की जांच करने को कहा है। यहां पर मौजूद सभी से पूछताछ होगी। उनसे संबंधित दस्तावेज भी खंगालने होंगे। एसपी को डीएम की मदद से इस काम को करना होगा।संस्थाओं से सम्मान भी पा चुकी है गिरिजा
वृद्धाश्रम खोलकर गिरिजा त्रिपाठी ने खुद को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा और शोहरत बटोरी। उनके काम की सराहना करते हुए कई संस्थानों ने सम्मानित भी किया है।देवरिया प्रकरण की जांच के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। 18 लापता लड़कियों की भी तलाश की जा रही है। रेंज के कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज को भी अपने-अपने क्षेत्र में जांच का आदेश दिया गया है।
नीलाब्जा चौधरी, आईजी रेंज गोरखपुर