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मेडिकल कॉलेज में दाखिला का झांसा देकर 12 लाख की ठगी
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:50 AM IST
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एबीबीएस में दाखिले के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि चंद्रभान नाम के एक शख्स ने झांसा देकर रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक होटल में 12 लाख रुपये ऐंठ लिए। यही नहीं, कॉलेज ले जाकर उसने कुछ फार्म भी भरवाए थे। शक होने पर जब प्राचार्य आफिस से पता किया गया तो कागजात फर्जी निकले। पीड़ित ने बुधवार को गुलरिहा थाने में तहरीर दी है।
झारखंड, रांची निवासी प्रभात कुमार सिन्हा के अनुसार दो महीने पहले वह बेटी का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज आए थे। यहां उनकी मुलाकात चंद्रभान नाम के एक शख्स से हुई थी। बेटी मेडिकल में दाखिले की तैयारी कर रही है। इसकी जानकारी होने पर उसने मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने का आश्वासन दिया। उसने 60 लाख रुपये मांगे और विशेष कोटा से दाखिला कराने का वादा किया। तब प्रभात ने दाखिले के बाद रुपये देने की बात कहते हुए उसे टाल दिया। बकौल प्रभात इस बीच एक दिन अचानक चंद्रभान का फोन आया। उसने 30 सितंबर को सभी दस्तावेज के साथ बुलाया।
रेलवे स्टेशन के एक होटल में दोनों की मुलाकात हुई। चंद्रभान के साथ ही महेश शर्मा नाम का उसका दोस्त भी था। दोनों ने उससे 50 हजार रुपये लिए और एक अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां कुछ फार्म भराए गए। इसके बाद 11.50 लाख रुपये और लिए गए। इसके बाद प्रभात को दो अक्तूबर को फिर बुलाया गया पर इस दिन जब उसका फोन नहीं लगा तो प्रभात मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। तीन अक्तूबर को प्राचार्य आफिस से कागजात को फर्जी बता दिया गया। एसपी नार्थ का कहना है कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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झारखंड, रांची निवासी प्रभात कुमार सिन्हा के अनुसार दो महीने पहले वह बेटी का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज आए थे। यहां उनकी मुलाकात चंद्रभान नाम के एक शख्स से हुई थी। बेटी मेडिकल में दाखिले की तैयारी कर रही है। इसकी जानकारी होने पर उसने मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने का आश्वासन दिया। उसने 60 लाख रुपये मांगे और विशेष कोटा से दाखिला कराने का वादा किया। तब प्रभात ने दाखिले के बाद रुपये देने की बात कहते हुए उसे टाल दिया। बकौल प्रभात इस बीच एक दिन अचानक चंद्रभान का फोन आया। उसने 30 सितंबर को सभी दस्तावेज के साथ बुलाया।
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रेलवे स्टेशन के एक होटल में दोनों की मुलाकात हुई। चंद्रभान के साथ ही महेश शर्मा नाम का उसका दोस्त भी था। दोनों ने उससे 50 हजार रुपये लिए और एक अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां कुछ फार्म भराए गए। इसके बाद 11.50 लाख रुपये और लिए गए। इसके बाद प्रभात को दो अक्तूबर को फिर बुलाया गया पर इस दिन जब उसका फोन नहीं लगा तो प्रभात मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। तीन अक्तूबर को प्राचार्य आफिस से कागजात को फर्जी बता दिया गया। एसपी नार्थ का कहना है कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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