{"_id":"5d24f7fc8ebc3e6cd405f42d","slug":"crime-news-gorakhpur-news-gkp3132689115","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठगी का आरोपी डॉक्टर अरविंद हिरासत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठगी का आरोपी डॉक्टर अरविंद हिरासत में
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डॉक्टरों से ठगी करने वाला डॉक्टर हिरासत में
गोरखपुर। शहर के कई डॉक्टरों को झांसा देकर सात करोड़ रुपये से ज्यादा ऐंठने के आरोपी डॉ. अरविंद कुमार को राजघाट पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। राजघाट पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की वजह उसके सहयोगी से लेनदेन का विवाद है। कैंट थाने में उसके खिलाफ दर्ज मामलों को देखते हुए राजघाट पुलिस ने इस बारे में वहां भी जानकारी दे दी है।
कभी छात्रसंघ चौराहे के पास का रहने वाला डॉ. अरविंद तीन साल से फरार था। आईजी बंगले के सामने एक फ्लैट को तीन लोगों को बेचने के आरोप में उसके खिलाफ केस दर्ज है। इसके अलावा एक एनआरआई से भी तारामंडल रोड पर जमीन के नाम पर ठगी का भी आरोप है। उसके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका है। इसी बीच वह दिनेश गुप्ता के साथ मिलकर काम करने लगा था। दोनाें के बीच रुपये के लेनदेन का विवाद हो गया। जिसके बाद दिनेश ने सीओ कोतवाली से संपर्क किया था। सीओ कोतवाली बीपी सिंह ने बताया कि डॉ. अरविंद के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज है। कैंट पुलिस को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दे दी गई है।
कुछ दिन में ही बदल देता था किराए का मकान
डॉक्टरों को ठगी का शिकार बनाने के बाद डॉ. अरविंद ने शहर छोड़ दिया था। यहां से अपना सब कुछ समेट कर वह परिवार के साथ लखनऊ में किराए के मकान में शिफ्ट हो गया था। सूत्रों की माने तो वह किराए का घर बदलता रहता है। इसके चलते पकड़ में नहीं आ रहा था।
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गोरखपुर। शहर के कई डॉक्टरों को झांसा देकर सात करोड़ रुपये से ज्यादा ऐंठने के आरोपी डॉ. अरविंद कुमार को राजघाट पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। राजघाट पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की वजह उसके सहयोगी से लेनदेन का विवाद है। कैंट थाने में उसके खिलाफ दर्ज मामलों को देखते हुए राजघाट पुलिस ने इस बारे में वहां भी जानकारी दे दी है।
कभी छात्रसंघ चौराहे के पास का रहने वाला डॉ. अरविंद तीन साल से फरार था। आईजी बंगले के सामने एक फ्लैट को तीन लोगों को बेचने के आरोप में उसके खिलाफ केस दर्ज है। इसके अलावा एक एनआरआई से भी तारामंडल रोड पर जमीन के नाम पर ठगी का भी आरोप है। उसके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका है। इसी बीच वह दिनेश गुप्ता के साथ मिलकर काम करने लगा था। दोनाें के बीच रुपये के लेनदेन का विवाद हो गया। जिसके बाद दिनेश ने सीओ कोतवाली से संपर्क किया था। सीओ कोतवाली बीपी सिंह ने बताया कि डॉ. अरविंद के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज है। कैंट पुलिस को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दे दी गई है।
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कुछ दिन में ही बदल देता था किराए का मकान
डॉक्टरों को ठगी का शिकार बनाने के बाद डॉ. अरविंद ने शहर छोड़ दिया था। यहां से अपना सब कुछ समेट कर वह परिवार के साथ लखनऊ में किराए के मकान में शिफ्ट हो गया था। सूत्रों की माने तो वह किराए का घर बदलता रहता है। इसके चलते पकड़ में नहीं आ रहा था।
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