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नाबालिग के दुष्कर्मी पिता को कोर्ट ने 5 दिन की सुनवाई के बाद ही दिया आजीवन कारावास

Thu, 19 Dec 2019 10:35 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, सिद्धार्थनगर
डिजिटल न्यूज डेस्क, सिद्धार्थनगर Published by: विजय जैन Updated Thu, 19 Dec 2019 10:35 AM IST
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court verdict only five days sentences man to life imprisonment for minor rape convicted father
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देश को हिलाकर रख देने वाले निर्भया केस के दोषियों को भले ही सात साल बाद भी सजा न मिल पाई हो, वहीं उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में कोर्ट ने महज पांच दिन में दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
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सजा एक महीने आठ दिन पहले सुनाई गई थी। पहली बार मात्र पांच दिनों की सुनवाई के बाद ही अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राम चंद्र यादव ने पीड़िता को पुर्नवासन के लिए प्रदेश सरकार को दो लाख रुपये प्रतिकर देने का भी आदेश दिया।
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मामला, सिद्धार्थनगर जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी महिला ने बीते 16 अक्टूबर को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 15 अक्टूबर की भोर में उसके पति ने अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी। महिला की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
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एसओ मिश्रौलिया आलोक श्रीवास्तव ने मामले की त्वरित विवेचना करते हुए 16 नवंबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राम चन्द्र यादव-१ ने मात्र पांच दिन की सुनवाई के बाद ही फैसला सुना दिया। उन्होंने आरोपित पिता को आजीवन कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।


साथ ही दो वर्ष का सश्रम कारावास और अर्थ दंड न देने पर 10 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अर्थदंड की धनराशि के साथ पुर्नवासन के लिए प्रदेश सरकार को दो लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कोर्ट पवन कर पाठक ने पीडि़ता की तरफ से पक्ष रखा।
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