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मान्यता न मिली तो लौटा रहे विद्यार्थियों की फीस
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2016 08:44 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने के बाद मान्यता न मिलने से निराश 37 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को अब फीस वापसी से ही संतोष करना पड़ रहा है। कॉलेज के प्रबंधन ने इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
हाटा तहसील क्षेत्र के अनुरागी देवी महाविद्यालय बहुआस और पगरा स्थित एक अन्य डिग्री कालेज में शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए विद्यार्थियों का प्रवेश लिया गया था। इन दोनों कॉलेजों के पास स्थाई मान्यता नहीं थी। कॉलेजों ने स्थाई मान्यता के लिए उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पैनल जांच के कागजात प्रस्तुत किए। जांच भी हुई लेकिन यह प्रक्रिया पूरी होते-होते अप्रैल आ गया। जब उच्च शिक्षा कार्यालय से कॉलेजों की फाइल यूनिवर्सिटी भेजी गई तो तो वहां यह कहकर संबद्धता देने से इनकार कर दिया गया कि रिपोर्ट निर्धारित मार्च में मिल जानी चाहिए थी। ऐसे कॉलेजों की संख्या 37 थी।
कॉलेजों ने इसे लेकर शासन और हाईकोर्ट तक की शरण ली लेकिन कोई राहत नहीं मिली। उधर, कॉलेज प्रबंधन विद्यार्थियों को आश्वासन देता रहा, लेकिन उम्मीद तब टूट गई जब सोमवार को राष्ट्रगौरव की परीक्षा में इन विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया गया। उसके बाद कॉलेजों ने फीस वापसी में ही अपनी भलाई समझी। अनुरागी देवी महाविद्यालय के प्रबंधक बीएन सिंह ने बताया कि एक बार फिर इस मामले में न्यायालय की शरण ली गई है लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं आने से वह विवश हैं।
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हाटा तहसील क्षेत्र के अनुरागी देवी महाविद्यालय बहुआस और पगरा स्थित एक अन्य डिग्री कालेज में शैक्षणिक सत्र 2015-16 के लिए विद्यार्थियों का प्रवेश लिया गया था। इन दोनों कॉलेजों के पास स्थाई मान्यता नहीं थी। कॉलेजों ने स्थाई मान्यता के लिए उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पैनल जांच के कागजात प्रस्तुत किए। जांच भी हुई लेकिन यह प्रक्रिया पूरी होते-होते अप्रैल आ गया। जब उच्च शिक्षा कार्यालय से कॉलेजों की फाइल यूनिवर्सिटी भेजी गई तो तो वहां यह कहकर संबद्धता देने से इनकार कर दिया गया कि रिपोर्ट निर्धारित मार्च में मिल जानी चाहिए थी। ऐसे कॉलेजों की संख्या 37 थी।
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कॉलेजों ने इसे लेकर शासन और हाईकोर्ट तक की शरण ली लेकिन कोई राहत नहीं मिली। उधर, कॉलेज प्रबंधन विद्यार्थियों को आश्वासन देता रहा, लेकिन उम्मीद तब टूट गई जब सोमवार को राष्ट्रगौरव की परीक्षा में इन विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया गया। उसके बाद कॉलेजों ने फीस वापसी में ही अपनी भलाई समझी। अनुरागी देवी महाविद्यालय के प्रबंधक बीएन सिंह ने बताया कि एक बार फिर इस मामले में न्यायालय की शरण ली गई है लेकिन अभी कोई निर्णय नहीं आने से वह विवश हैं।
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