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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CM divides the resposibilities for gorakhnath temple

अब योगी देंगे निर्देश, उनके खास संभालेंगे जिम्मेदारी

Sat, 01 Apr 2017 01:09 AM IST
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर।
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sat, 01 Apr 2017 01:09 AM IST
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CM divides the resposibilities for gorakhnath temple
गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : Amar Ujala
सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन में कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब योगी सिर्फ मानीटरिंग कर दिशा निर्देश देंगे, जबकि योजना बनाने से लेकर आर्थिक अधिकार तक दूसरों के हाथ में होगा।
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अभी तक गोरखनाथ मंदिर और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़ीं सभी 44 संस्थाओं की देखरेख और वित्तीय कामकाज खुद योगी आदित्यनाथ देखते थे, लेकिन सीएम बनने के बाद उन्हेें भी पता है कि वे अब गोरखपुर को समय कम दे पाएंगे। लिहाजा उन्होंने मंदिर से जुड़े कुछ खास लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। मंदिर में आने वाले फरियादियों की बातें सुनना और कार्रवाई के लिए पत्र लिखने से लेकर फोन करने की जिम्मेदारी पहले की तरह द्वारिका तिवारी के पास ही रहेगी।
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मंदिर में पूजा-पाठ और साधु-संतों की देखभाल का प्रबंध पुजारी कमलनाथ करेंगे, जबकि मंदिर से जुड़ी सभी शिक्षण संस्थाओं से समन्वय, कामों की निगरानी और कार्यक्रमों को लेकर सुझाव लेने-देने का काम महाराणा प्रताप जंगल धूषण के प्राचार्य डॉ. प्रदीप राव के जिम्मे रहेगा। डॉ. राव पहले भी एकेडमिक कार्यों को देखते रहे हैं। योगी ने लेनदेन की प्रक्रिया की मानीटरिंग का महत्वपूर्ण दायित्व पूर्वांचल यूनिवर्सिटी, जौनपुर के पूर्व कुलपति और मंदिर के करीबी प्रो. यूपी सिंह को सौंपा है। गाजीपुर के रहने वाले प्रो. सिंह वर्ष 1993 में रिटायर होने के बाद से ही मंदिर से जुड़े हैं तमाम गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
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सुबह प्रो. सिंह और शाम को डॉ. राव मंदिर में रहेंगे
मंदिर प्रबंधन को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए प्रो. यूपी सिंह सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक मंदिर में मौजूद रहेंगे, जबकि डॉ. प्रदीप राव की उपस्थिति शाम पांच बजे से रात 8 बजे तक होगी।


25 सौ साधु-संत और कर्मचारी हैं मंदिर में
गोरखनाथ मंदिर में करीब 25 सौ साधु-संत और कर्मचारी कार्यरत हैं। सभी के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था मंदिर में ही होती है। इसके अलावा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़ी सभी 44 संस्थाओं में करीब 10 हजार शिक्षक, कर्मचारी, डॉक्टर और स्टॉफ कार्यरत हैं। इन संस्थाओं में 70 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
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