{"_id":"5d7e98508ebc3e014f25d60a","slug":"cm-camp-office-gorakhpur-news-gkp3217407156","type":"story","status":"publish","title_hn":"घायल पत्नी को अस्पताल में छोड़ गया, संजना पहुंची सीएम कार्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घायल पत्नी को अस्पताल में छोड़ गया, संजना पहुंची सीएम कार्यालय
विज्ञापन
टीपी शाही के खबर में ----गोरखनाथ मंदिर में फरियाद लेकर पंहुची संजना।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घायल पत्नी को अस्पताल में छोड़ गया, संजना पहुंची सीएम कार्यालय
गोरखपुर। पति की प्रताड़ना की शिकायत लेकर एक विवाहिता रविवार को मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय गोरखनाथ मंदिर पहुंची। कार्यालय प्रभारी को रो-रोकर अपनी व्यथा बताई। कहा कि सात दिन से वह जिला अस्पताल में भूखी पड़ी है। पति ने उसे बुरी तरह से मारा था, जिससे उसका सिर फट गया। इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया, पट्टी कराकर उसे वहीं छोड़कर चला गया। किसी ने 10 रुपये देकर उसे यहां भेजा है। पति दबाव बनाता है कि तलाक ले लो। वह उसे छोड़ नहीं सकती। उसका कोई और ठिकाना नहीं है।
गोला थाना क्षेत्र के ककरही गांव निवासी संजना नामक विवाहिता अपनी फरियाद लेकर गोरखनाथ मंदिर पहुंची। उसने बताया कि उसका मायका देवरिया जिले के सलेमपुर में है। माता पिता नहीं है। चार साल पहले उसकी शादी ककरही गांव निवासी राहुल त्रिपाठी से हुई । पति बात-बात पर उसे पीटते हैं। वह उस पर तलाक लेने का दबाव बनाते हैं। कहते हैं कि तुम कहीं और चली जाओ। वह कही नहीं जा सकती है। चाचा चाची ने उसकी शादी की थी। वह अब वहां नहीं जाना चाहती है। हर हाल में पति के साथ रहना चाहती हे। अपनी व्यथा कह कर वह कैंप कार्यालय प्रभारी के सामने रोने लगी। कहा कि सात दिन हो गया उसने खाना नहीं खाया। अस्पताल में भी जो पट्टी बांधी गई थी वह बदली भी नहीं गई। अस्पताल में ही किसी ने कहा मंदिर जाओ वहीं से तुम्हारी मदद होगी। इस लिए यहां आई हूं, हमें न्याय दिला दीजिए।
कैंप कार्यालय के प्रभारी मोतीलाल सिंह ने संजना को पहले खाना खिलवाया, फिर थानाध्यक्ष गोला को फोन करके कहा कि पीड़ित महिला को उनके पास भेज रहे हैं। हर संभव उसकी मदद कीजिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। पति की प्रताड़ना की शिकायत लेकर एक विवाहिता रविवार को मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय गोरखनाथ मंदिर पहुंची। कार्यालय प्रभारी को रो-रोकर अपनी व्यथा बताई। कहा कि सात दिन से वह जिला अस्पताल में भूखी पड़ी है। पति ने उसे बुरी तरह से मारा था, जिससे उसका सिर फट गया। इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया, पट्टी कराकर उसे वहीं छोड़कर चला गया। किसी ने 10 रुपये देकर उसे यहां भेजा है। पति दबाव बनाता है कि तलाक ले लो। वह उसे छोड़ नहीं सकती। उसका कोई और ठिकाना नहीं है।
गोला थाना क्षेत्र के ककरही गांव निवासी संजना नामक विवाहिता अपनी फरियाद लेकर गोरखनाथ मंदिर पहुंची। उसने बताया कि उसका मायका देवरिया जिले के सलेमपुर में है। माता पिता नहीं है। चार साल पहले उसकी शादी ककरही गांव निवासी राहुल त्रिपाठी से हुई । पति बात-बात पर उसे पीटते हैं। वह उस पर तलाक लेने का दबाव बनाते हैं। कहते हैं कि तुम कहीं और चली जाओ। वह कही नहीं जा सकती है। चाचा चाची ने उसकी शादी की थी। वह अब वहां नहीं जाना चाहती है। हर हाल में पति के साथ रहना चाहती हे। अपनी व्यथा कह कर वह कैंप कार्यालय प्रभारी के सामने रोने लगी। कहा कि सात दिन हो गया उसने खाना नहीं खाया। अस्पताल में भी जो पट्टी बांधी गई थी वह बदली भी नहीं गई। अस्पताल में ही किसी ने कहा मंदिर जाओ वहीं से तुम्हारी मदद होगी। इस लिए यहां आई हूं, हमें न्याय दिला दीजिए।
विज्ञापन
कैंप कार्यालय के प्रभारी मोतीलाल सिंह ने संजना को पहले खाना खिलवाया, फिर थानाध्यक्ष गोला को फोन करके कहा कि पीड़ित महिला को उनके पास भेज रहे हैं। हर संभव उसकी मदद कीजिए।
विज्ञापन