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सौगातों की बारिश के साथ लोगों को जोड़ते गए सीएम
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2015 08:22 PM IST
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सूबे के युवा मुख्यमंत्री और युवाओं की भीड़, कुछ ऐसी रंगत जमी कि जोश और उत्साह के बीच मुख्यमंत्री सौगातों की बारिश करते गए और तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंजता रहा। वक्त की नजाकत भांप मुख्यमंत्री ने युवाओं को जोड़ने की भरपूर कोशिश की। मौका मिला तो उनके बीच भी पहुंच गए। आरोप और बहस से खुद को अलग कर मुख्यमंत्री ने एम्स, जाम, सफाई आदि जनहित के मुद्दों को छेड़ कुछ अहम घोषणाएं शुरू कीं तो सपा और अखिलेश का नारा जमकर बुलंद हुआ।
मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में खुद पर तमाम पाबंदियों का जिक्र कर सिर्फ विकास को तवज्जो देने की बात कही। शायद यह उनकी रणनीति का ही हिस्सा था कि वे आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहकर विकास के जरिये लोगों तक पहुंचने की कवायद में जुटे रहे। शहर में जाम की समस्या हो, कूड़े की बात हो या फिर काम कराने के लिए अफसरों में डर पैदा करने की जरूरत, हर मुद्दों पर उन्हें पब्लिक का समर्थन मिलता रहा। एमआरआई यूनिट की चर्चा छेड़ जब उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगने लगा है कि डर से ही काम होता है, तभी भीड़ से उनकी इस कयास पर मुहर लगती आवाज आई, यही सही है।
यूनिवर्सिटी कैंपस में बने बड़े से पंडाल में नौजवानों के अलावा बड़े, बूढ़े, महिलाएं हर वर्ग की आमद थी, पर नौजवानों का जोश देखने लायक था। करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री की मौजूदगी में युवाओं की फौज लगातार नारों से उनका खैरमकदम करती रही, वहीं अखिलेश भी युवाओं को प्रोत्साहित करते नजर आए। लैपटॉप देते समय उन्होंने कई छात्राओं से उनके भविष्य को लेकर बात की तो हाथ मिलाकर हौसलाफजाई भी की। उन्होंने कुछ देर तक युवाओं की भीड़ में जाकर वक्त भी गुजारा। पूछा, भाई सबको लैपटॉप मिल गया ना...दूसरी ओर से आवाज आई, यस सर। इसके बाद दो-तीन लड़कियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अच्छी तरह से पढ़ो और लैपटॉप का उपयोग पढ़ाई में करो।
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मुख्यमंत्री ने पंडाल में मौजूद जरूरतमंदों की भावनाओं को भी कुरेदने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गन्ने का भुगतान, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए मिनी डेयरी और गरीब तबके के लोगों को साइकिल मुहैया कराने की सरकार की मंशा जताकर किसानों और मजदूरों के हिमायती होने का भी दावा किया। साथ ही बातों ही बातों में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करने से भी नहीं चूके। करीब पौने तीन बजे मुख्यमंत्री जब हाथ जोड़कर रुखसत हुए तो पंडाल में मौजूद सपा कार्यकर्ता जिंदाबाद के नारे लगाने में जुट गए और लाभार्थी उनके गुणगान में।
शायद मुख्यमंत्री के आने की मंशा भी कुछ यही थी। इन कार्यक्रमों के जरिए मुख्यमंत्री लोगों को जोड़ने में कितना कामयाब होंगे, यह तो भविष्य बताएगा पर इतना जरूर है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे से युवा वर्ग उनका मुरीद हो गया। तभी तो मुख्यमंत्री के हाथों लैपटॉप पाने वाली वंदना यादव, सानिया खान और माया का कहना था कि लैपटॉप पाना तो अच्छा लगा ही मुख्यमंत्री से मिलना यादगार लम्हा हो गया।
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मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में खुद पर तमाम पाबंदियों का जिक्र कर सिर्फ विकास को तवज्जो देने की बात कही। शायद यह उनकी रणनीति का ही हिस्सा था कि वे आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहकर विकास के जरिये लोगों तक पहुंचने की कवायद में जुटे रहे। शहर में जाम की समस्या हो, कूड़े की बात हो या फिर काम कराने के लिए अफसरों में डर पैदा करने की जरूरत, हर मुद्दों पर उन्हें पब्लिक का समर्थन मिलता रहा। एमआरआई यूनिट की चर्चा छेड़ जब उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगने लगा है कि डर से ही काम होता है, तभी भीड़ से उनकी इस कयास पर मुहर लगती आवाज आई, यही सही है।
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यूनिवर्सिटी कैंपस में बने बड़े से पंडाल में नौजवानों के अलावा बड़े, बूढ़े, महिलाएं हर वर्ग की आमद थी, पर नौजवानों का जोश देखने लायक था। करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री की मौजूदगी में युवाओं की फौज लगातार नारों से उनका खैरमकदम करती रही, वहीं अखिलेश भी युवाओं को प्रोत्साहित करते नजर आए। लैपटॉप देते समय उन्होंने कई छात्राओं से उनके भविष्य को लेकर बात की तो हाथ मिलाकर हौसलाफजाई भी की। उन्होंने कुछ देर तक युवाओं की भीड़ में जाकर वक्त भी गुजारा। पूछा, भाई सबको लैपटॉप मिल गया ना...दूसरी ओर से आवाज आई, यस सर। इसके बाद दो-तीन लड़कियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अच्छी तरह से पढ़ो और लैपटॉप का उपयोग पढ़ाई में करो।
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मुख्यमंत्री ने पंडाल में मौजूद जरूरतमंदों की भावनाओं को भी कुरेदने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गन्ने का भुगतान, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए मिनी डेयरी और गरीब तबके के लोगों को साइकिल मुहैया कराने की सरकार की मंशा जताकर किसानों और मजदूरों के हिमायती होने का भी दावा किया। साथ ही बातों ही बातों में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करने से भी नहीं चूके। करीब पौने तीन बजे मुख्यमंत्री जब हाथ जोड़कर रुखसत हुए तो पंडाल में मौजूद सपा कार्यकर्ता जिंदाबाद के नारे लगाने में जुट गए और लाभार्थी उनके गुणगान में।
शायद मुख्यमंत्री के आने की मंशा भी कुछ यही थी। इन कार्यक्रमों के जरिए मुख्यमंत्री लोगों को जोड़ने में कितना कामयाब होंगे, यह तो भविष्य बताएगा पर इतना जरूर है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे से युवा वर्ग उनका मुरीद हो गया। तभी तो मुख्यमंत्री के हाथों लैपटॉप पाने वाली वंदना यादव, सानिया खान और माया का कहना था कि लैपटॉप पाना तो अच्छा लगा ही मुख्यमंत्री से मिलना यादगार लम्हा हो गया।