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कम होंगे जमीन के सर्किल रेट
अरुण चंद, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 06 Apr 2017 02:00 AM IST
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जमीन
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जिले में जमीन का डीएम सर्किल रेट 15 फीसदी तक कम हो सकता है। इसकी तैयारी में जिला प्रशासन और रजिस्ट्री दफ्तर के अफसर जुट गए हैं। जल्द ही सात तहसीलों में जमीन का सर्वे कराया जाएगा, फिर डीएम सर्किल रेट कम करने का आदेश जारी होगा। ऐसा होने पर जमीन खरीदना और आशियाना बनाना सस्ता हो जाएगा। स्टांप ड्यूटी भी कम देनी पड़ेगी।
नोटबंदी के बाद से जमीन की खरीद-फरोख्त में जबरदस्त गिरावट आई है। 80 करोड़ रुपये का सालाना नुकसान भी हुआ। इसे देखते हुए ही डीएम सर्किल रेट कम करने की तैयारी कर ली गई है। सभी तहसीलों के सब रजिस्ट्रार को सर्वे की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह काम 15 मई तक पूरा किया जाना है। सब रजिस्ट्रार संपत्ति के मूल्यों का आकलन करेंगे। इसके बाद दावे, आपत्तियां मांगी जाएंगी। इनका प्राथमिकता पर निस्तारण होगा, फिर जमीन का नया सर्किल रेट लागू कर दिया जाएगा। एक जुलाई तक नया सर्किल रेट लागू किया जा सकता है।
राजस्व के नुकसान से दबाव
वित्तीय वर्ष 2016-17 में 387 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा गया था पर यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। तमाम प्रयासों के बाद भी 307 करोड़ रुपये की वसूली हो सकी। यह लक्ष्य से काफी कम है। इस पर शासन से जवाब-तलब भी किया गया। पूछा गया कि कम रजिस्ट्री की वजह क्या है। रजिस्ट्री दफ्तर ने बड़ी वजह नोटबंदी बताई है।
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बैनामों की संख्या कम होने से राजस्व का नुकसान हुआ। इसीलिए जमीन के सर्किल रेट कम करने पर विचार किया जा रहा है। नए सर्किल रेट के लिए सर्वे जल्द शुरू होगा। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। सर्किल रेट में कहीं कोई खामी न रहे, इसे लेकर सभी सभी रजिस्ट्रारों को हिदायत दी जा चुकी है।
- रामशंकर सिंह, एआईजी स्टांप
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नोटबंदी के बाद से जमीन की खरीद-फरोख्त में जबरदस्त गिरावट आई है। 80 करोड़ रुपये का सालाना नुकसान भी हुआ। इसे देखते हुए ही डीएम सर्किल रेट कम करने की तैयारी कर ली गई है। सभी तहसीलों के सब रजिस्ट्रार को सर्वे की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह काम 15 मई तक पूरा किया जाना है। सब रजिस्ट्रार संपत्ति के मूल्यों का आकलन करेंगे। इसके बाद दावे, आपत्तियां मांगी जाएंगी। इनका प्राथमिकता पर निस्तारण होगा, फिर जमीन का नया सर्किल रेट लागू कर दिया जाएगा। एक जुलाई तक नया सर्किल रेट लागू किया जा सकता है।
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राजस्व के नुकसान से दबाव
वित्तीय वर्ष 2016-17 में 387 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा गया था पर यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। तमाम प्रयासों के बाद भी 307 करोड़ रुपये की वसूली हो सकी। यह लक्ष्य से काफी कम है। इस पर शासन से जवाब-तलब भी किया गया। पूछा गया कि कम रजिस्ट्री की वजह क्या है। रजिस्ट्री दफ्तर ने बड़ी वजह नोटबंदी बताई है।
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बैनामों की संख्या कम होने से राजस्व का नुकसान हुआ। इसीलिए जमीन के सर्किल रेट कम करने पर विचार किया जा रहा है। नए सर्किल रेट के लिए सर्वे जल्द शुरू होगा। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। सर्किल रेट में कहीं कोई खामी न रहे, इसे लेकर सभी सभी रजिस्ट्रारों को हिदायत दी जा चुकी है।
- रामशंकर सिंह, एआईजी स्टांप