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डॉक्टर को चिकनगुनिया, डेंगू से बच्ची की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 10 Oct 2016 12:49 AM IST
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platelets, dengue
- फोटो : Demo Pic
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बड़हलगंज इलाके में डेंगू के बाद अब चिकनगुनिया ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। सीएचसी पर तैनात दंत चिकित्सक डॉ. मतीन अंसारी को चिकनगुनिया से पीड़ित होने पर निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। इसके पहले इस इलाके में डेंगू से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है। उधर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती जंगलधूसड़ निवासी 12 वर्षीया बालिका अंशिका पांडेय की भी डेंगू से मौत हो गई।
बड़हलगंज प्रतिनिधि के मुताबिक जिले में तेजी से डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं, जिसका सर्वाधिक असर बड़हलगंज इलाके में ही है। अभी कुछ दिन पहले ही डेंगू से एक चिकित्सक की मौत हो चुकी है और इसी बीच दो अन्य लोगों ने भी डेंगू से दम तोड़ दिया है। अब इस इलाके में चिकनगुनिया की दस्तक से क्षेत्र के लोग ज्यादा डरे हुए हैं। सीएचसी के दंत चिकित्सक में इस बीमारी की पुष्टि हुई है।
हालांकि स्वास्थ्य अफसर लगातार इलाके में फॉगिंग कराने के साथ ही डॉक्टरों की मुस्तैदी का दावा कर रहे हैं, लेकिन एक के बाद एक मरीज सामने आने से अफसरों के दावे की हकीकत भी सामने आ जा रही है। दरअसल, अभी तक अफसर सिर्फ मरीज को छिपाने का ही काम कर रहे थे। मरीज में लक्षण व बीमारी की पुष्टि के बाद बचाव के इंतजाम की जगह उसे बीमारी दूसरे शहर में रहने के दौरान होने की बात कहकर बात टाल दे रहे थे। मगर अब डेंगू के बाद चिकनगुनिया की दस्तक ने सारी महकमे की लापरवाही सामने ला दी है।
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बड़हलगंज प्रतिनिधि के मुताबिक जिले में तेजी से डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं, जिसका सर्वाधिक असर बड़हलगंज इलाके में ही है। अभी कुछ दिन पहले ही डेंगू से एक चिकित्सक की मौत हो चुकी है और इसी बीच दो अन्य लोगों ने भी डेंगू से दम तोड़ दिया है। अब इस इलाके में चिकनगुनिया की दस्तक से क्षेत्र के लोग ज्यादा डरे हुए हैं। सीएचसी के दंत चिकित्सक में इस बीमारी की पुष्टि हुई है।
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हालांकि स्वास्थ्य अफसर लगातार इलाके में फॉगिंग कराने के साथ ही डॉक्टरों की मुस्तैदी का दावा कर रहे हैं, लेकिन एक के बाद एक मरीज सामने आने से अफसरों के दावे की हकीकत भी सामने आ जा रही है। दरअसल, अभी तक अफसर सिर्फ मरीज को छिपाने का ही काम कर रहे थे। मरीज में लक्षण व बीमारी की पुष्टि के बाद बचाव के इंतजाम की जगह उसे बीमारी दूसरे शहर में रहने के दौरान होने की बात कहकर बात टाल दे रहे थे। मगर अब डेंगू के बाद चिकनगुनिया की दस्तक ने सारी महकमे की लापरवाही सामने ला दी है।
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