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गोरखपुर में सीएम योगी बोले-'लोगों को जाति और भाषा के नाम पर बांटा जा रहा है'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Updated Wed, 31 Oct 2018 03:50 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राष्ट्रधर्म सबसे बड़ा धर्म है। समाज में अलगाव और बिखराव से राष्ट्र पराभव की तरफ जाएगा, जिसमें किसी का उत्थान नहीं है। भारत की वृद्धि होगी तभी सभी का उत्थान होगा। मुख्यमंत्री बुधवार को सोनबरसा, बरही के प्रताप नारायण सिंह जनता इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को राष्ट्रधर्म से जोड़ा और कहा कि 2022 में जब भारत अपनी आजादी की हीरक जयंती मना रहा हो, उस समय हमें ऐसा भारत तैयार करना है जो आतंकवाद, नक्सलवाद, अलगाववाद, भ्रष्टाचार और अराजकता से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव होगा जब हमारी शिक्षा पद्धति में राष्ट्र धर्म को तरजीह दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों वाराणसी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के साथ रहकर उनकी शिक्षा पद्धति को नजदीक से जानने का मौका मिला। प्रधानमंत्री भी मानते हैं कि शिक्षा में अनुशासन जरूरी है। अनुशासन नहीं होगा तो दुशासन होगा। दुशासन होगा तो दुर्गति होनी तय है।
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राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की शिक्षानीतियों और सिद्धांतों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों से सेहत पर भी ध्यान देने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अगर आप स्वयं स्वस्थ नहीं हैं तो कोई भी साधन, वैभव और बल काम नहीं आएगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को नियमित समाचार पत्र पढ़ने की सीख देते हुए विशेष तौर पर संपादकीय पढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे सीख मिलेगी, ज्ञान बढ़ेगा।
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मुख्यमंत्री ने शिक्षा को राष्ट्रधर्म से जोड़ा और कहा कि 2022 में जब भारत अपनी आजादी की हीरक जयंती मना रहा हो, उस समय हमें ऐसा भारत तैयार करना है जो आतंकवाद, नक्सलवाद, अलगाववाद, भ्रष्टाचार और अराजकता से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव होगा जब हमारी शिक्षा पद्धति में राष्ट्र धर्म को तरजीह दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों वाराणसी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के साथ रहकर उनकी शिक्षा पद्धति को नजदीक से जानने का मौका मिला। प्रधानमंत्री भी मानते हैं कि शिक्षा में अनुशासन जरूरी है। अनुशासन नहीं होगा तो दुशासन होगा। दुशासन होगा तो दुर्गति होनी तय है।
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राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से लेकर लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की शिक्षानीतियों और सिद्धांतों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों से सेहत पर भी ध्यान देने की सीख दी। उन्होंने कहा कि अगर आप स्वयं स्वस्थ नहीं हैं तो कोई भी साधन, वैभव और बल काम नहीं आएगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को नियमित समाचार पत्र पढ़ने की सीख देते हुए विशेष तौर पर संपादकीय पढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे सीख मिलेगी, ज्ञान बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर समाज को बाटने वाले लोग आगे चलकर सिर्फ अपने परिवार के लिए संपत्ति अर्जित करते हैं। ये लोग जाति का भी भला नहीं करते, समाज तो दूर की बात है। ऐसे लोग जो जाति, क्षेत्र, भाषा और मजहब के नाम पर समाज को बांटकर अपना हित साधने के लिए आपके पास आएं तो उन्हें दो टूक शब्दों में जवाब दें कि आपको उनकी अलगाववादी नीतियां पसंद नहीं हैं।
योगी ने कहा कि हजारों वर्ष की योग की परंपरा थी। लेकिन उसको लोगों ने भुला दिया। कई प्रधानमंत्री आये लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन मोदी जी योग की परंपरा को आगे लाए और योग दिवस का भी शुरुआत की।
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सब लोगों को एक किया। जब इस देश को स्वतंत्रता मिलनी थी तो ब्रिटिशों ने भारत का विभाजन किया था। आप कैसा भारत चाहते हैं। जहां आतंकवाद ना हो।
योगी ने कहा कि हजारों वर्ष की योग की परंपरा थी। लेकिन उसको लोगों ने भुला दिया। कई प्रधानमंत्री आये लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन मोदी जी योग की परंपरा को आगे लाए और योग दिवस का भी शुरुआत की।
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सब लोगों को एक किया। जब इस देश को स्वतंत्रता मिलनी थी तो ब्रिटिशों ने भारत का विभाजन किया था। आप कैसा भारत चाहते हैं। जहां आतंकवाद ना हो।