अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दे लिया छठ मां का आशीर्वाद
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गोरखपुर।
महिलाएं
दोपहर बाद तीन बजे घरों से
टोली बनाकर जलाशयों के लिए
निकलीं। हाथों में कलश व दीप
लिये नंगे पैर ‘कांच
ही बांस क बहगिया,
बहगी
लचकत जाय...’
जैसे
मंगल गीत गाते हुए समूह भगवान
सूर्य की पूजा के लिए चला जा
रहा था। उनके साथ परिजन अपने
सिर पर पूजा सामग्री लिये चल
रहे थे। बहुत से श्रद्धालु
तो गाजे-बाजे
के साथ थे। देखते-देखते
महापर्व
पर राप्ती नदी के राजघाट व
शंकर घाट तथा सूर्यकुंड धाम
पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
रही। इसके अलावा गोरखनाथ स्थित
भीम सरोवर,
विष्णु
मंदिर,
खरैया
पोखरा,
महेसरा
ताल,
रामगढ़ताल,
जगन्नाथपुर
स्थित दुर्गा मंदिर तथा बिछिया
के हनुमान मंदिर पर भी खासी
भीड़ देखी गई। घाटों से लौटने
के बाद व्रती महिलाओं ने
अपने-अपने
घरों में कोसी भरी। इस दौरान
भी मंगल गीत गूंजते रहे। मंगलवार
को अस्ताचलगामी सूर्य को
अर्घ्य देने का अनुष्ठान करने
के बाद अब बुधवार को उगते सूर्य
को अर्घ्य दिया जाएगा। उसके
बाद व्रती महिलाएं पारण कर
अपना व्रत तोड़ेंगी।