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अफसर बनकर पीएम आवास में साढ़े तीन लाख की ठगी
Tue, 01 Oct 2019 09:30 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 01 Oct 2019 09:30 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
नगर निगम स्थित डूडा कार्यालय का अफसर बनकर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं ने कैंट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले में महिलाओं द्वारा आरोपी बनाए गए शख्स पर केस दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने महिलाओं को बताया कि बयान दर्ज कर उसी मुकदमे में पीड़ितों का नाम बढ़ाया जाएगा।
कैंट पुलिस को दी गई तहरीर में हुमायूंपुर मोहल्ला निवासी फिरोज खान की पत्नी नूरजहां ने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाना चाहती थीं। एक जून को वह नगर निगम डूडा आफिस पहुंचीं, वहां उनकी मुलाकात मेराज अहमद से हुई। उसने खुद को नगर
निगम का अधिकारी बताया और आवास दिलाने का आश्वासन दिया। इसके लिए उसने आधार कार्ड, फोटो और कुछ अन्य कागजात सहित दस हजार रुपये भी लिए।
नूरजहां ने खुद भी रुपये देने के साथ ही अन्य लोगों से भी रुपये दिला दिए। कुछ दिन बाद जब आवास नहीं मिला तो वह फिर मेराज की तलाश में गई तो पता चला कि इस नाम का कोई अधिकारी ही नहीं है। जिसके बाद से ही उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया, जिसके बाद पीड़ितों ने थाने में संपर्क किया।
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कैंट इंस्पेक्टर रवि राय ने कहा कि नूरजहां से 11 हजार 5 सौ रुपये, फातिमा ने 53 हजार, शाहिना ने 8 हजार, मैरुननिशा ने 8 हजार, शहनाज 8 हजार, गुलशन से 11 हजार 5 सौ, हफीजुन निशा से 75 सौ रुपये, सकीना बानो से 75 सौ रुपये वसूले गए हैं। इस प्रकरण से संबंधित एक मुकदमा पहले से दर्ज है। सभी पीड़ितों का बयान पूर्व दर्ज मुकदमे में भी बढ़ाया जाएगा। आरोपी की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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कैंट पुलिस को दी गई तहरीर में हुमायूंपुर मोहल्ला निवासी फिरोज खान की पत्नी नूरजहां ने बताया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाना चाहती थीं। एक जून को वह नगर निगम डूडा आफिस पहुंचीं, वहां उनकी मुलाकात मेराज अहमद से हुई। उसने खुद को नगर
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निगम का अधिकारी बताया और आवास दिलाने का आश्वासन दिया। इसके लिए उसने आधार कार्ड, फोटो और कुछ अन्य कागजात सहित दस हजार रुपये भी लिए।
नूरजहां ने खुद भी रुपये देने के साथ ही अन्य लोगों से भी रुपये दिला दिए। कुछ दिन बाद जब आवास नहीं मिला तो वह फिर मेराज की तलाश में गई तो पता चला कि इस नाम का कोई अधिकारी ही नहीं है। जिसके बाद से ही उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया, जिसके बाद पीड़ितों ने थाने में संपर्क किया।
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कैंट इंस्पेक्टर रवि राय ने कहा कि नूरजहां से 11 हजार 5 सौ रुपये, फातिमा ने 53 हजार, शाहिना ने 8 हजार, मैरुननिशा ने 8 हजार, शहनाज 8 हजार, गुलशन से 11 हजार 5 सौ, हफीजुन निशा से 75 सौ रुपये, सकीना बानो से 75 सौ रुपये वसूले गए हैं। इस प्रकरण से संबंधित एक मुकदमा पहले से दर्ज है। सभी पीड़ितों का बयान पूर्व दर्ज मुकदमे में भी बढ़ाया जाएगा। आरोपी की तलाश की जा रही है, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।