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ठेकेदार समेत पांच पर हत्या के प्रयास का केस
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:42 AM IST
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विंध्यवासिनी नगर में बृहस्पतिवार की रात फायरिंग करने वाले ठेकेदार और उसके भाई समेत पांच पर पुलिस ने हत्या के प्रयास, बलवा, 7 सीएलए के तहत केस दर्ज किया है। पिता को हिरासत में लेने के बाद आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। दूसरी तरफ गोली लगने से घायल बीमा कंपनी के सर्वेयर की हालत डॉक्टर ने खतरे से बाहर बताई है।
घायल बीमा कंपनी के सर्वेयर आलोक श्रीवास्तव ने कोतवाली पुलिस को बृहस्पतिवार की देर रात नगर निगम के ठेकेदार जितेंद्र सिंह, उनके भाई सुमित और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद जितेंद्र के पिता लक्ष्मीशंकर को हिरासत में लेकर ठेकेदार और उसके भाई की तलाश में कोतवाली, गोरखनाथ क्षेत्र में रहने वाले उनके दोस्त, रिश्तेदार के घर दबिश दी। लेकिन वे नहीं मिले। वहीं, प्राइवेट अस्पताल में भर्ती आलोक श्रीवास्तव की हालत डॉक्टर ने खतरे से बाहर बताई है। विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी के लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बता दें कि माया बाजार के रहने वाले नगर निगम के ठेकेदार जितेंद्र सिंह विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में अपनी कार खड़ी करते थे। डबल मर्डर के बाद कॉलोनी में आने के रास्तों पर गेट लगवाने के बाद स्थानीय लोग उनसे कार अपने घर के पास खड़ी करने के लिए कह रहे थे। इस बात को लेकर बृहस्पतिवार की रात 11 बजे बहस होने के बाद जितेंद्र अपने भाई और साथियों के साथ विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें गोली लगने से आलोक घायल हो गए थे। इंस्पेक्टर कोतवाली विजयराज सिंह ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।
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घायल बीमा कंपनी के सर्वेयर आलोक श्रीवास्तव ने कोतवाली पुलिस को बृहस्पतिवार की देर रात नगर निगम के ठेकेदार जितेंद्र सिंह, उनके भाई सुमित और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद जितेंद्र के पिता लक्ष्मीशंकर को हिरासत में लेकर ठेकेदार और उसके भाई की तलाश में कोतवाली, गोरखनाथ क्षेत्र में रहने वाले उनके दोस्त, रिश्तेदार के घर दबिश दी। लेकिन वे नहीं मिले। वहीं, प्राइवेट अस्पताल में भर्ती आलोक श्रीवास्तव की हालत डॉक्टर ने खतरे से बाहर बताई है। विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी के लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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बता दें कि माया बाजार के रहने वाले नगर निगम के ठेकेदार जितेंद्र सिंह विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में अपनी कार खड़ी करते थे। डबल मर्डर के बाद कॉलोनी में आने के रास्तों पर गेट लगवाने के बाद स्थानीय लोग उनसे कार अपने घर के पास खड़ी करने के लिए कह रहे थे। इस बात को लेकर बृहस्पतिवार की रात 11 बजे बहस होने के बाद जितेंद्र अपने भाई और साथियों के साथ विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें गोली लगने से आलोक घायल हो गए थे। इंस्पेक्टर कोतवाली विजयराज सिंह ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।
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