फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   bullet

अब कारतूस की हेराफेरी नहीं कर सकेंगे लाइसेंसधारी

Mon, 18 Nov 2019 02:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2019 02:09 AM IST
विज्ञापन
bullet
अब कारतूस की हेराफेरी नहीं कर सकेंगे लाइसेंसधारी
विज्ञापन

गोरखपुर। जिले में फर्जी लाइसेंस पर असलहा खरीदने का सनसनीखेज मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने कारतूस की खरीद पर सख्ती बढ़ा दी है। अब लाइसेंसधारी को बार कोड पर ही कारतूस मिलेगा। असलहा लाइसेंस के नवीनीकरण की तरह ही एक फार्म भरकर कारतूस के लिए बार कोड आवंटित कराना होगा। इसके बाद ही दुकान से कारतूस ले सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लाइसेंसधारी मनमाने ढंग से कारतूस नहीं ले सकेंगे। साथ ही कारतूस का पूरा ब्योरा प्रशासन के रिकॉर्ड में होगा।
14 अगस्त को गोरखनाथ इलाके के तनवीर के पकड़े जाने के बाद जिले में बड़ी संख्या में फर्जी लाइसेंसधारियों का खुलासा हुआ। इसी दौरान पता चला कि बड़ी संख्या में इन लोगों ने कारतूस भी खरीदे थे। इसमें से कई का हिसाब भी नहीं मिल सका। इस हेराफेरी में ही पूर्व में तैनात रहे असलहा बाबू समेत कई लोगों को जेल भेजा गया। प्रशासन ने कार्रवाई करने के साथ ही अब खुद के सिस्टम को भी सुधारने की पहल शुरू कर दी है। असलहा लाइसेंस की नए सिरे से जांच के साथ ही नवीनीकरण के समय ही कारतूस के भी बार कोड का आवंटन किया जा रहा है। इसी बार कोड की मदद से गन हाउस से लाइसेंसधारी कारतूस खरीद सकेंगे। इसका रिकॉर्ड लाइसेंस के साथ ही असलहे पर चस्पा प्रोफार्मा पर भी दर्ज होगा। कंप्यूटर में भी रिकॉर्ड को रखा जाएगा ताकि किसी भी स्तर से कहीं चूक ना होने पाए और एक-एक कारतूस का पूरा हिसाब प्रशासन के पास मौजूद होगा।
विज्ञापन

अगस्त से पहले नवीनीकरण कराने वालों की बढ़ी मुसीबत
प्रशासन की इस सख्ती से अगस्त से पहले नवीनीकरण कराने वालों की मुसीबत बढ़ गई है। एक बार में तीन साल के लिए लाइसेंस का नवीनीकरण होता है। ऐसे में असलहा लाइसेंस कांड पकड़े जाने से पहले नवीनीकरण कराने वाले लोग जब कारतूस खरीदने को गन हाउस पर जा रहे हैं तो उन्हें इसकी जानकारी हो रही है। फिर वह असलहा बाबू के पास बार कोड के लिए आवेदन कर रहे हैं। कई बार असलहा बाबू या फिर एडीएम के नहीं मिलने पर उन्हें कई दिन चक्कर काटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में करीब 20 हजार लाइसेंस
जिले में करीब 20 हजार लोगों के पास लाइसेंस हैं। इसमें से करीब 15 हजार लोग नियमित तौर पर कारतूस की खरीदारी करते हैं। बार कोड के लिए इन दिनों इनकी लंबी लाइन असलहा बाबू के कार्यालय में लग रही है।

... इसलिए नहीं मिल पाया 20 हजार कारतूसों का हिसाब
करीब चार साल पहले पुलिस और प्रशासन के दस्तावेज मिलान में 20 हजार कारतूस का हिसाब नहीं मिल सका था। इसका तत्कालीन आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने सीओ को प्रशासनिक अफसर के साथ तालमेल करके जांच का आदेश दिया था। यह जांच आज तक पूरी नहीं की जा सकी। हालांकि अब इस व्यवस्था के बाद से यह दिक्कत नहीं आएगी।
..
ऐसे हासिल कर सकते हैं बार कोड
0 नवीनीकरण यदि आपने पहले कराया है तो इसके लिए असलहा बाबू दफ्तर से प्रोफार्मा मिलेगा।
0 प्रोफार्मा को भरकर असलहा बाबू से सत्यापित कराना होगा।
0 असलहा बाबू के सत्यापित फार्म पर एडीएम सिटी हस्ताक्षर करेंगे।
0 असलहा पर प्रोफार्मा का छोटा हिस्सा चस्पा होगा, जिस पर कारतूस की संख्या, तारीख दर्ज होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed