फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   BSNL

बिजली गुल होते ही मोबाइल से गायब हो जाता है बीएसएनएल नेटवर्क

Mon, 16 Sep 2019 01:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 01:27 AM IST
विज्ञापन
BSNL
बिजली गुल होते ही मोबाइल से गायब हो जाता है बीएसएनएल नेटवर्क
विज्ञापन

रोहित सिंह
गोरखपुर। बिजली गुल होने से रोशनी-पानी की आपूर्ति प्रभावित होते तो सुना है, लेकिन फुल चार्ज मोबाइल से नेटवर्क गायब होना शायद नहीं सुना होगा। यकीन मानिए गोरखपुर महाराजगंज के बीएसएनएल के करीब 2.75 लाख ग्राहकों के सामने बिजली जाते ही नेटवर्क का संकट हो जाता है। जितनी देर बिजली गुल रहेगी उनके मोबाइल पूरी तरह से अनुपयोगी हो जाते हैं। अभी तक यह समस्या कुछ इलाकों में थी, लेकिन धीरे-धीरे गोरखपुर-महाराजगंज के सभी ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के सामने यह समस्या खड़ी होती जा रही है।
जानकारी के मुताबिक गोरखपुर-महाराजगंज में बीएसएनएल ने बड़ी संख्या में अपने टावर लगाए थे। इनमें बाकायदा बीटीएस लगाकर क्षेत्र में नेटवर्क का विस्तार किया गया था। इन टावरों के संचालन के लिए बिजली कनेक्शन के साथ जेनरेटर की व्यवस्था की गई थी। फिलहाल, बीएसएनएल की बदहाली का आलम यह है कि बिजली गुल होते ही बीटीएस बंद हो जाते हैं। आर्थिक तंगी की वजह से डीजल खरीद नहीं पा रहे कि जेनरेटर चला सके, नतीजा, बिजली गुल रहने तक मोबाइल में नेटवर्क गायब रहता है। इसका सीधा प्रभाव ग्राहकों पर पड़ता है। पनियरा के अरविंद बीते दिनों बीएसएनएल दफ्तर अपना नंबर सरेंडर करने आए थे। बताया कि इलाके में लोकल फाल्ट या आपूर्ति प्रभावित होने पर बिजली का संकट दो-दो दिन तक रहता है। ऐसे में मोबाइल का नेटवर्क गायब हो जाता। जरूरत पड़ने पर दूसरे से फोन मांगकर काम चलाना पड़ता है। बीएसएनएल सूत्रों की मानें तो इधर ग्रामीण इलाकों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नंबर बंद करने का आवेदन दिया है।
विज्ञापन

गोरखपुर और महराजगंज में मोबाइल कंपनियों के टावरों की स्थिति
कुल टावरों की संख्या : 425
बीएसएनएल के टावर - 273
प्राइवेट कंपनियों के टावर - 152
बैटरियां भी हो गई खराब
बीएसएनएल ने अपने टावरों में विकल्प के रुप में बैटरी भी रखी थी। बिजली से चार्ज होने के बाद जरूरत पड़ने पर इनसे बैकअप लिया जाता था। लेकिन, सालों से बैटरी की मरम्मत नहीं होने से लगभग सभी खराब हो गई हैं। जहां कुछ सही भी हैं, तो उनसे थोड़ी देर तक ही बैकअप मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिक प्रभावित इलाके
सहजनवां, कौड़ीराम, गोला, खजनी, बांसगांव, सरदारनगर, कैंपियरगंज, पिपराइच, पीपीगंज, चौरीचौरा, पनियरा, निचलौल, ठूठीबारी, सिकरीगंज, बड़हलगंज समेत कुछ अन्य ग्रामीण इलाके प्रभावित हो रहे हैं।

कोट
बिजली कटौती होने से बीटीएस प्रभावित होते हैं। जहां बैटरी लगी हैं वहां काम तो करते हैं, लेकिन पूरी क्षमता से नहीं। फंड की कमी से डीजल का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। उम्मीद है जल्द ही सभी समस्याओं का निदान हो जाएगा।
देवेंद्र सिंह, प्रधान महाप्रबंधक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed