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नगर निगम में आपस में भिड़ गए दलाल
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Wed, 31 Aug 2016 07:45 PM IST
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हिरासत मे लिया गया मुस्तफा ।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दो दलाल आपस में भिड़ गए। सूचना पर नगर निगम पुलिस चौकी के सिपाही तत्काल मौके पर पहुंच गए। हालांकि इस दौरान दूसरा दलाल वहां से चला गया। पुलिस ने एक को हिरासत में ले लिया। पकड़ा गया दलाल अपने को पार्षद का करीबी बताकर पुलिस वालों से भी उलझ गया।
हालांकि वहां के लोगों का कहना था कि दोनों व्यक्ति जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की दलाली करते हैं। प्रमाणपत्र को लेकर मारपीट की जानकारी मिलने पर नगर निगम पुलिस चौकी के सिपाही मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने पर पकड़ा गया दलाल अपने को पार्षद का करीबी बताते हुए उनसे उलझ गया। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में दलाल ने अपना नाम मुस्तफा दुर्गाबाड़ी का रहने वाला बताया। मुस्तफा का आरोप था कि वह मोहल्ले के तीन लोगों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गया था। वार्ड के पार्षद उसे जानते हैं। मुस्तफा का आरोप था कि जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले लिपिक एक प्रमाण पत्र का 50 रुपये लेते हैं। तीन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वह 150 रुपये लेकर आया था।
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मुस्तफा नाम के किसी युवक को न तो जानता हूं और न पहचानता हूं। युवक झूठा आरोप लगाकर हमें बदनाम करने की साजिश कर रहा है।
- रमेश यादव, पार्षद, अधियारी बाग
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हालांकि वहां के लोगों का कहना था कि दोनों व्यक्ति जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की दलाली करते हैं। प्रमाणपत्र को लेकर मारपीट की जानकारी मिलने पर नगर निगम पुलिस चौकी के सिपाही मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने पर पकड़ा गया दलाल अपने को पार्षद का करीबी बताते हुए उनसे उलझ गया। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।
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पूछताछ में दलाल ने अपना नाम मुस्तफा दुर्गाबाड़ी का रहने वाला बताया। मुस्तफा का आरोप था कि वह मोहल्ले के तीन लोगों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गया था। वार्ड के पार्षद उसे जानते हैं। मुस्तफा का आरोप था कि जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले लिपिक एक प्रमाण पत्र का 50 रुपये लेते हैं। तीन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वह 150 रुपये लेकर आया था।
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मुस्तफा नाम के किसी युवक को न तो जानता हूं और न पहचानता हूं। युवक झूठा आरोप लगाकर हमें बदनाम करने की साजिश कर रहा है।
- रमेश यादव, पार्षद, अधियारी बाग