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‘रमजान में भी कर सकते हैं रक्तदान’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 04 Jun 2017 01:54 AM IST
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दान के रक्त से बचती है दूसरों की जान
- फोटो : Amar Ujala
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मुकद्दस रमजान के बीच इस बार विश्व रक्तदान दिवस पड़ रहा है। गरीबों, मजलूमों की मदद करके इस पाक माह में जकात के जरिए रब की रहमत पाने के तलबगार रक्तदान करके बेहिसाब शबाब पा सकते हैं। रोजेदार भी निसंकोच महादान कर सकते हैं। इससे रोजे में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सातवें रोजे के दिन एक रोजेदार ने यह सवाल नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद में बनी रमजान हेल्पलाइन पर पूछा। रोजेदार की मंशा विश्व रक्तदान दिवस पर रक्तदान करने की है। लेकिन वह पशोपेश में था कि इससे कहीं रोजा न टूट जाए। जवाब में मुफ्ती अख्तर हुसैन ने उसकी शंका को सिरे से खारिज किया। बताया कि रक्तदान से रोजा नहीं टूटता। इसके साथ ही रोजेदारों के कुछ और रोचक फोन आए। इनमें आई ड्रॉप डालने समेत इंजेक्शन लगवाने आदि के संबंध में पूछताछ की गई।
मुफ्ती हुसैन समेत अन्य धर्मगुरुओं ने सभी के सवालों का जवाब शरीयत की रौशनी में तफसील से दी। बताया गया कि आंख में दिक्कत हो तो रोजे के दौरान आई ड्रॉप डाली जा सकती है। अगर इंजेक्शन लगना जरूरी है तो उसे लगवाने से भी रोजे पर असर नहीं पड़ता है। वहीं एक रोजेदार ने रोजे के दौरान ‘कै’ (उल्टी) होने पर फोन किया था। मुफ्ती ने उन्हें बताया कि इससे रोजा नहीं टूटता तो उन्हें तसल्ली हुई।
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14 को मिलेगा रक्तदान करने का मौका
गोरखपुर। ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन की ओर से विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर 14 जून को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन जिला अस्पताल में होगा। इस मौके पर रक्तदान करके आप महादानी बनकर किसी जरूरतमंद को जीवनदान दे सकेंगे। ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन महादानियों को रक्तदान के बाद प्रमाणपत्र एवं प्रशस्ति पत्र भी देगा। ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन सभी महादानियों को कैंप में शिरकत करने के लिए आमंत्रित करता है।
रमजान में मस्जिदों में चल रहा कुरआन का पाठ
रमजान में सभी मस्जिदों दरगाहों व घरों में कुरआन की तिलावत हो रही है। अल्लाह की इबादत में लोग मशगूल हैं। तुर्कमानपुर स्थित मदरसा में कुरआन शरीफ की आयतें सीखने रोजाना लगभग 25 लोग आ रहे हैं। शनिवार को कुरआन पढ़ना सीखने पहुंचे लोगों में छह लोगों को सही उच्चारण के साथ कुरआन पढ़ाना सिखाया गया।
इफ्तार की दुआ अल्लाह कुबूल करते हैं
रमजान की नमाज और दुआएं अल्लाह जल्दी कुबूल करते हैं। रोजेदार कितना खुशनसीब होता है कि वह हर वक्त अल्लाह की रजा हासिल करता है। इफ्तार के समय मांगी गई हर दुआ सीधे अल्लाह तक पहुंचती है और कुबूल की जाती है। ये बातें जाफरा बाजार के पेश इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने रमजान के पाक मौके पर सजदे को लेकर कहीं। ऐसे में इफ्तार समय से करना चाहिए और इस मौके पर दुआ करनी चाहिए।
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सातवें रोजे के दिन एक रोजेदार ने यह सवाल नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद में बनी रमजान हेल्पलाइन पर पूछा। रोजेदार की मंशा विश्व रक्तदान दिवस पर रक्तदान करने की है। लेकिन वह पशोपेश में था कि इससे कहीं रोजा न टूट जाए। जवाब में मुफ्ती अख्तर हुसैन ने उसकी शंका को सिरे से खारिज किया। बताया कि रक्तदान से रोजा नहीं टूटता। इसके साथ ही रोजेदारों के कुछ और रोचक फोन आए। इनमें आई ड्रॉप डालने समेत इंजेक्शन लगवाने आदि के संबंध में पूछताछ की गई।
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मुफ्ती हुसैन समेत अन्य धर्मगुरुओं ने सभी के सवालों का जवाब शरीयत की रौशनी में तफसील से दी। बताया गया कि आंख में दिक्कत हो तो रोजे के दौरान आई ड्रॉप डाली जा सकती है। अगर इंजेक्शन लगना जरूरी है तो उसे लगवाने से भी रोजे पर असर नहीं पड़ता है। वहीं एक रोजेदार ने रोजे के दौरान ‘कै’ (उल्टी) होने पर फोन किया था। मुफ्ती ने उन्हें बताया कि इससे रोजा नहीं टूटता तो उन्हें तसल्ली हुई।
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14 को मिलेगा रक्तदान करने का मौका
गोरखपुर। ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन की ओर से विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर 14 जून को ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन जिला अस्पताल में होगा। इस मौके पर रक्तदान करके आप महादानी बनकर किसी जरूरतमंद को जीवनदान दे सकेंगे। ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन महादानियों को रक्तदान के बाद प्रमाणपत्र एवं प्रशस्ति पत्र भी देगा। ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन सभी महादानियों को कैंप में शिरकत करने के लिए आमंत्रित करता है।
रमजान में मस्जिदों में चल रहा कुरआन का पाठ
रमजान में सभी मस्जिदों दरगाहों व घरों में कुरआन की तिलावत हो रही है। अल्लाह की इबादत में लोग मशगूल हैं। तुर्कमानपुर स्थित मदरसा में कुरआन शरीफ की आयतें सीखने रोजाना लगभग 25 लोग आ रहे हैं। शनिवार को कुरआन पढ़ना सीखने पहुंचे लोगों में छह लोगों को सही उच्चारण के साथ कुरआन पढ़ाना सिखाया गया।
इफ्तार की दुआ अल्लाह कुबूल करते हैं
रमजान की नमाज और दुआएं अल्लाह जल्दी कुबूल करते हैं। रोजेदार कितना खुशनसीब होता है कि वह हर वक्त अल्लाह की रजा हासिल करता है। इफ्तार के समय मांगी गई हर दुआ सीधे अल्लाह तक पहुंचती है और कुबूल की जाती है। ये बातें जाफरा बाजार के पेश इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने रमजान के पाक मौके पर सजदे को लेकर कहीं। ऐसे में इफ्तार समय से करना चाहिए और इस मौके पर दुआ करनी चाहिए।