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कुशीनगरः सांसद विजय कुमार ने किया सरेंडर, डेढ़ घंटे हिरासत में रहने के बाद मिली अंतरिम जमानत
Mon, 30 Sep 2019 05:04 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुशीनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 30 Sep 2019 05:04 PM IST
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सांसद विजय कुमार दूबे अपने समर्थकों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
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वर्ष 2009 और 2014 में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सड़क जाम करने के अलग-अलग मामले में कुशीनगर के भाजपा सांसद विजय कुमार दूबे ने सोमवार को एडीजे चतुर्थ (विशेष अदालत एमपी एलएलए) कोर्ट में सरेंडर किया। सांसद के खिलाफ वारंट जारी हुआ था। करीब डेढ़ घंटे तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने के बाद सांसद को पांच अक्तूबर तक के लिए अंतरिम जमानत मिल गई। दोनों मामलों की अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।
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वर्ष 2009 में रामकोला थाना क्षेत्र में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर आंदोलन हुआ था, जिसमें तत्कालीन नौरंगिया के भाजपा विधायक शम्भू चौधरी, विजय कुमार दूबे व अन्य के खिलाफ सड़क जाम करने व सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि की धारा में केस दर्ज हुआ था।
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सरकार बनाम शंभू चौधरी के इस प्रकरण में शंभू चौधरी को 20 हजार का बांड भरने पर बीते एक मई को जमानत मिल गई थी, जबकि सांसद के हाजिर नहीं होने पर वारंट जारी हो गया था। इसके अलावा वर्ष 2014 में भी रामकोला थाना क्षेत्र में ही विजय कुमार दूबे समेत आठ अन्य के खिलाफ सड़क जाम करने समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ था। सोमवार को सुबह 11 बजे सांसद विजय कुमार दूबे अपने अधिवक्ता के साथ कोर्ट पहुंचे। परंतु अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते मामला दोपहर बाद प्रस्तुत हुआ।
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एडीजे चतुर्थ विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सांसद को न्यायिक अभिरक्षा में रखने का निर्देश देते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया। करीब डेढ़ घंटे बाद दुबारा न्यायालय की प्रक्रिया शुरू हुई और सांसद को पांच अक्तूबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए सुनवाई की अगली तारीख भी पांच अक्तूबर निर्धारत हुई।
कोर्ट से बाहर आकर सांसद ने कहा कि कोर्ट की प्रक्रिया का पूरा सम्मान करूंगा। बसपा और सपा शासनकाल में जनहित के मामलों को लेकर संघर्ष करने पर उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए थे।