दृष्टि नहीं, फिर भी जीत ली कामयाबी की दौड़, अतुल माहेश्वरी छात्रवृति से मिली सपनों को उड़ान
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‘मौजें कभी तो हारेंगी तेरे यकीन से, साहिल पर हर रोज एक घरौंदा बना के देख’। किसी शायर की इस लाइन को चरितार्थ किया है जिले के नेत्र दिव्यांग राजन यादव ने। आंखों की ज्योति न होने से तमाम मुश्किलें झेलने वाले राजन यादव ने वह कर दिखाया है, जो हर मेधावी छात्र का सपना होता है। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की अक्टूबर में हुई ‘अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा’ उत्तीर्ण करने वाले राजन यादव ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 74 प्रतिशत अंक हासिल किया है।
तुर्कपट्टी क्षेत्र के महासोन गांव के निवासी पृथ्वीनाथ यादव के पुत्र राजन यादव ने बताया कि वह बचपन से ही दोनों आंखों से दिव्यांग है। पिता किसान और माता सीता देवी कुशल गृहिणी हैं। पांच बहनों में चार बड़ी और एक छोटी है। दो की शादी हो चुकी है। अपने माता-पिता का वह इकलौता पुत्र है।
राजन ने बताया कि राजकीय स्पोर्ट्स इंटर कॉलेज, लालडिग्गी गोरखपुर से हाईस्कूल की परीक्षा में उसे 74 प्रतिशत अंक मिले हैं। हालांकि उम्मीद 75 प्रतिशत अंक मिलने की थी। राजन बताते हैं कि इस बार इनका विषय संगीत और वादन था, लेकिन इंटर में अर्थशास्त्र या समाजशास्त्र चुनेंगे। उन्होंने बताया कि ‘अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति’ से उन्हें पढ़ाई में काफी मदद मिली थी। वह शिक्षक बनकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं।
दो बार अतुल माहेश्वरी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं दीपक कुमार बनना चाहते हैं इंजीनियर
कुशीनगर में मेधा की कमी नहीं है। तमकुही क्षेत्र के दीपक कुमार ने हाईस्कूल में जनपद टॉप तो किया ही था, ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ‘अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति’ परीक्षा दो बार उत्तीर्ण कर चुके हैं। दीपक कुमार गुप्ता ने इंटर में 85 प्रतिशत अंक हासिल किया है।
तमकुही क्षेत्र के महुअवा बुजुर्ग गांव के निवासी छेदी प्रसाद की तीन संतानों में इकलौते पुत्र दीपक कुमार गुप्ता हम उम्र छात्रों में निरंतर अपनी मेधा का लोहा मनवा रहे हैं। इन्होंने तुर्कपट्टी क्षेत्र के चिल्ड्रेन पब्लिक इंटर कॉलेज छहूं से हाईस्कूल की परीक्षा में 92.8 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉप किया था। इंटर की परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। उन्हें उम्मीद तो इस बार भी जिला टॉप करने की थी, लेकिन टॉप टेन की सूची में शामिल हैं।
दीपक कुमार गुप्ता ने ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ‘अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति’ परीक्षा के लिए 10वीं, 11वीं एवं 12वीं कक्षा में आवेदन किया था। दो बार उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति के रूप में पहली बार 30 हजार और दूसरी बार 50 हजार रुपये मिल चुके हैं। वह आईआईटी करके इंजीनियर बनना चाहते हैं, ताकि देश और समाज की सेवा कर सकें। उन्होंने बताया कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के रूप में मिली रकम को आईआईटी की तैयारी पर खर्च करेंगे। इनकी सफलता से माता सुनीता देवी और बहनें पूजा व प्रियंका भी काफी खुश हैं।