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विकास भवन की जमीन पर कब्जे की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 06 Jul 2016 09:53 PM IST
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विकास भवन की जमीन पर किया जा रहा था निर्माण।
- फोटो : shivharsh
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विकास भवन की जमीन पर बुधवार को कुछ लोगों ने अवैध निर्माण कार्य शुरू करा दिया। इसकी भनक जब अफसरों को लगी तो उनमें खलबली मच गई। मुख्य विकास अधिकारी ने परिसर के भीतर हो रहे अवैध निर्माण को गिरवा दिया और काम कर रहे श्रमिकों व राज मिस्त्रियों को खदेड़ दिया।
विकास भवन परिसर के भीतर संयुक्त विकास आयुक्त केे दफ्तर और डीआरडीए भवन के बीच की जमीन खाली है, जिसे यहां आने वाले फरियादी पार्किंग के लिए इस्तेमाल करते हैं। बुधवार को इसी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध निर्माण शुरू करा दिया। पहले तो लोगों ने समझा कि सरकारी काम हो रहा है। इसलिए किसी ने निर्माण को तवज्जो नहीं दी।
बाद में धीरे-धीरे कर्मचारियों के बीच भी बात फैली। इसकी भनक जब सीडीओ को लगी तो उन्होंने समझा डीडीओ और पीडी की जानकारी में होगा। डीडीओ और पीडी ने समझा सीडीओ की जानकारी में कोई निर्माण हो रहा है। बाद में मालूम हुआ कि परिसर में कोई सरकारी कार्य नहीं, बल्कि अवैध निर्माण चल रहा है तो अफसरों के होश उड़ गए। इसके बाद सीडीओ ने सिक्योरिटी गार्डों को भेजकर अवैध निर्माण रुकवा दिया और राज मिस्त्रियों व श्रमिकों को वहां से खदेड़ दिया। साथ ही अवैध निर्माण को ढहा दिया।
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'परिसर के भीतर बगैर मानचित्र स्वीकृति के कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है। कौन लोग निर्माण कार्य करवा रहे थे, उनका पता लगाया जा रहा है। अराजकतत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। '
- डॉ. मन्नान अख्तर, मुख्य विकास अधिकारी
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विकास भवन परिसर के भीतर संयुक्त विकास आयुक्त केे दफ्तर और डीआरडीए भवन के बीच की जमीन खाली है, जिसे यहां आने वाले फरियादी पार्किंग के लिए इस्तेमाल करते हैं। बुधवार को इसी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध निर्माण शुरू करा दिया। पहले तो लोगों ने समझा कि सरकारी काम हो रहा है। इसलिए किसी ने निर्माण को तवज्जो नहीं दी।
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बाद में धीरे-धीरे कर्मचारियों के बीच भी बात फैली। इसकी भनक जब सीडीओ को लगी तो उन्होंने समझा डीडीओ और पीडी की जानकारी में होगा। डीडीओ और पीडी ने समझा सीडीओ की जानकारी में कोई निर्माण हो रहा है। बाद में मालूम हुआ कि परिसर में कोई सरकारी कार्य नहीं, बल्कि अवैध निर्माण चल रहा है तो अफसरों के होश उड़ गए। इसके बाद सीडीओ ने सिक्योरिटी गार्डों को भेजकर अवैध निर्माण रुकवा दिया और राज मिस्त्रियों व श्रमिकों को वहां से खदेड़ दिया। साथ ही अवैध निर्माण को ढहा दिया।
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'परिसर के भीतर बगैर मानचित्र स्वीकृति के कोई निर्माण नहीं किया जा सकता है। कौन लोग निर्माण कार्य करवा रहे थे, उनका पता लगाया जा रहा है। अराजकतत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। '
- डॉ. मन्नान अख्तर, मुख्य विकास अधिकारी