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कॉपियों को नोडल सेंटर पहुंचाने की राशि में इजाफा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 19 Mar 2016 10:20 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों से नोडल केंद्र तक कॉपियों को पहुंचाने की राशि में इजाफा कर दिया है। लंबे समय से कालेजों की ओर से इस संबंध में की जा रही मांग पर विचार करने के बाद शनिवार को वित्त समिति ने यह फैसला लिया।
समिति ने तय किया कि इस वर्ष परीक्षा केंद्रों से नोडल केंद्र तक कॉपियों को पहुंचाने के लिए प्रति किलोमीटर सात रुपये भुगतान किया जाएगा। वर्ष 2011 से अब तक चार रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा था।
बीते दिनों केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक में भी यह मांग दुहराई गई थी, जिस पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। वित्त समिति की बैठक में यूनिवर्सिटी का 131 करोड़ का बजट भी रखा गया। यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक यह बजट 53 करोड़ रुपये के घाटे का बजट है। 131 करोड़ में से 77 करोड़ रुपये वेतन के मद में खर्च किए जाएंगे।
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समिति में बताया कि सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के बन जाने की वजह से कॉलेज की आय 13 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष घट गई है। समिति ने यह भी तय कि परीक्षा में यदि कोई शोधार्थी 10 दिन से अधिक की ड्यूटी करता है तो उसे 100 रुपये और 15 दिन की ड्यूटी करता है तो 200 रुपये प्रतिदिन भत्ते के रूप में दिया जाएगा।
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समिति ने तय किया कि इस वर्ष परीक्षा केंद्रों से नोडल केंद्र तक कॉपियों को पहुंचाने के लिए प्रति किलोमीटर सात रुपये भुगतान किया जाएगा। वर्ष 2011 से अब तक चार रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा था।
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बीते दिनों केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक में भी यह मांग दुहराई गई थी, जिस पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। वित्त समिति की बैठक में यूनिवर्सिटी का 131 करोड़ का बजट भी रखा गया। यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक यह बजट 53 करोड़ रुपये के घाटे का बजट है। 131 करोड़ में से 77 करोड़ रुपये वेतन के मद में खर्च किए जाएंगे।
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समिति में बताया कि सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के बन जाने की वजह से कॉलेज की आय 13 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष घट गई है। समिति ने यह भी तय कि परीक्षा में यदि कोई शोधार्थी 10 दिन से अधिक की ड्यूटी करता है तो उसे 100 रुपये और 15 दिन की ड्यूटी करता है तो 200 रुपये प्रतिदिन भत्ते के रूप में दिया जाएगा।