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जीका वायरस को लेकर मंडल में अलर्ट
Updated Thu, 04 Feb 2016 09:57 PM IST
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गोरखपुर। जीका वायरस को लेकर मंडल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। अपर निदेशक मलेरिया ने इस संबंध में मंडल के सभी सीएमओ, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक संयुक्त चिकित्सालय को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि यह वायरस मच्छर से फैलता है। मच्छरों को नष्ट करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को तेज किया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इबोला के बाद यह एक और खतरनाक वायरस सामने आया है। जो धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल रहा है। मच्छर से फैलने वाले इस रोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार से पत्र आने के बाद अपर निदेशक मलेरिया ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। वायरस के प्रभाव से नवजात छोटे सिर के साथ पैदा होते हैं। उन्होंने इसका हवाला देते हुए कहा कि मच्छरों को नष्ट करने के प्रयासों को तेज किया जाए। इनके खात्मे के लिए उपकरणों या बजट की आवश्यकता हो तो उसकी डिमांड की जाए मगर इस काम में लापरवाही न बरती जाए।
जीका वायरस से खतरे
दुनिया भर में मुसीबत का सबब बना जीका वायरस मच्छर से फैलता है। यह सीधे नवजात को अपना शिकार बनाता है। वायरस से प्रभावित होने वाले बच्चे की सारी जिंदगी विशेष देखभाल करनी पड़ती है। वायरस के प्रभाव से के नवजात छोटे सिर के साथ पैदा होते हैं। इससे प्रभावित नवजात शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग पैदा होते हैं। जीका वायरस एडीज इजिप्टी नामक मच्छर से फैलता है। यह वही मच्घ्छर है जो पीला बुखार, डेंगू और चिकुनगुनिया जैसे विषाणुओं को फैलाने के लिए जिम्मेदार है। संक्रमित मां से यह नवजात को प्रभावित करता है। यह ब्लड ट्रांसफ्यूजन और यौन संबंधों से भी फैलता है। जीका को पहचानना बहुत मुश्किल है क्योंकि इसके कोई विशेष लक्षण नहीं हैं। लेकिन मच्छरों के काटने के तीन से बारह दिनों के बीच चार में से तीन व्यक्तियों में तेज बुखार, सिर दर्द और जोड़ों में दर्द के लक्षण देखे गये हैं।
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इबोला के बाद यह एक और खतरनाक वायरस सामने आया है। जो धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल रहा है। मच्छर से फैलने वाले इस रोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार से पत्र आने के बाद अपर निदेशक मलेरिया ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। वायरस के प्रभाव से नवजात छोटे सिर के साथ पैदा होते हैं। उन्होंने इसका हवाला देते हुए कहा कि मच्छरों को नष्ट करने के प्रयासों को तेज किया जाए। इनके खात्मे के लिए उपकरणों या बजट की आवश्यकता हो तो उसकी डिमांड की जाए मगर इस काम में लापरवाही न बरती जाए।
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जीका वायरस से खतरे
दुनिया भर में मुसीबत का सबब बना जीका वायरस मच्छर से फैलता है। यह सीधे नवजात को अपना शिकार बनाता है। वायरस से प्रभावित होने वाले बच्चे की सारी जिंदगी विशेष देखभाल करनी पड़ती है। वायरस के प्रभाव से के नवजात छोटे सिर के साथ पैदा होते हैं। इससे प्रभावित नवजात शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग पैदा होते हैं। जीका वायरस एडीज इजिप्टी नामक मच्छर से फैलता है। यह वही मच्घ्छर है जो पीला बुखार, डेंगू और चिकुनगुनिया जैसे विषाणुओं को फैलाने के लिए जिम्मेदार है। संक्रमित मां से यह नवजात को प्रभावित करता है। यह ब्लड ट्रांसफ्यूजन और यौन संबंधों से भी फैलता है। जीका को पहचानना बहुत मुश्किल है क्योंकि इसके कोई विशेष लक्षण नहीं हैं। लेकिन मच्छरों के काटने के तीन से बारह दिनों के बीच चार में से तीन व्यक्तियों में तेज बुखार, सिर दर्द और जोड़ों में दर्द के लक्षण देखे गये हैं।
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