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सफाई के लिए नगर निगम पर कसा शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 18 Nov 2016 01:28 AM IST
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कचरा
- फोटो : अमर उजाला
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बार-बार की चेतावनी के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था नहीं सुधरने पर कमिश्नर अनिल कुमार ने नगर निगम पर और शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उन्होंने डीएम को प्रशासनिक अफसरों से अलग-अलग वार्ड का सत्यापन कराने को कहा है। सफाई के साथ ही नालियों, सड़क और स्ट्रीट लाइट की स्थिति भी जांचने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने करीब डेढ़ दर्जन अफसरों को इस काम के लिए नामित कर दिया है। प्रत्येक अधिकारी को तीन से चार वार्ड के सत्यापन की जिम्मेदारी मिली है। एडीएम सिटी समेत दो-तीन अफसरों ने अपने-अपने वार्ड की जांच कर रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। सभी अफसरों की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन उसे कमिश्नर के पास भेजेगा।
अब तक माधोपुर, अंधियारीबाग, तिवारीपुर, इलाहीबाग आदि वार्डों में हुई जांच के दौरान ज्यादातर जगहों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। फागिंग नहीं होने की भी शिकायत मिली। कई मोहल्लों के स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। नालियां टूट गई हैं। छुट्ठा पशु जगह-जगह सड़कों पर घूमते मिले। बता दें कि कमिश्नर ने सफाई नहीं होने पर मिली गंदगी से खफा होकर नगर आयुक्त और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी का वेतन भी रोक चुके हैं।
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डीएम ने करीब डेढ़ दर्जन अफसरों को इस काम के लिए नामित कर दिया है। प्रत्येक अधिकारी को तीन से चार वार्ड के सत्यापन की जिम्मेदारी मिली है। एडीएम सिटी समेत दो-तीन अफसरों ने अपने-अपने वार्ड की जांच कर रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। सभी अफसरों की रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन उसे कमिश्नर के पास भेजेगा।
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अब तक माधोपुर, अंधियारीबाग, तिवारीपुर, इलाहीबाग आदि वार्डों में हुई जांच के दौरान ज्यादातर जगहों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। फागिंग नहीं होने की भी शिकायत मिली। कई मोहल्लों के स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। नालियां टूट गई हैं। छुट्ठा पशु जगह-जगह सड़कों पर घूमते मिले। बता दें कि कमिश्नर ने सफाई नहीं होने पर मिली गंदगी से खफा होकर नगर आयुक्त और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी का वेतन भी रोक चुके हैं।
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