द पिलर्स पब्लिक स्कूल के खिलाफ होगी कार्रवाई

Gorakhpur Bureauगोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 18 Jul 2019 01:42 AM IST
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द पिलर्स पब्लिक स्कूल के खिलाफ होगी कार्रवाई
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गोरखपुर। निशुल्क बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आईटीई) के तहत गरीबों के बच्चों को दाखिला देने में आनाकानी करने वाले स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। एक दिन पहले सेंट पॉल्स स्कूल की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई शुरू करने वाले बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को द पिलर्स पब्लिक स्कूल सिविल लाइंस के खिलाफ जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा है। आरोप है स्कूल प्रबंधन, विभाग की ओर से बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी दिव्यांग की बेटी का प्रवेश नहीं ले रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक को लिखे पत्र के मुताबिक नगर शिक्षा अधिकारी ने बताया है कि नीलू सोनकर की बेटी ईशु सोनकर अलाभित समूह से है। इन्होंने निवास प्रमाण के संदर्भ में आधार कार्ड स्कूल प्रबंधन को दिखाया है। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन आधार कार्ड को संदिग्ध मानकर प्रवेश देने से मना कर रहा है। अमर उजाला से बातचीत में नीलू सोनकर ने बताया कि वह दिव्यांग हैं। इंद्रा बाल विहार पर दिव्यांगजनों की एक संस्था में काम भी करती हैं। बच्ची को अच्छे स्कूल में पढ़ाने का सपना लिए उन्होंने आरटीई के तहत दाखिले के लिए आवेदन किया था। मगर द पिलर्स पब्लिक स्कूल प्रबंधन प्रवेश लेने से मना कर रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग से शिकायत की तो उन्होंने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया। इसके बाद भी अभी तक बेटी का प्रवेश नहीं किया गया।
उधर, द पिलर्स पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य ऊषा बरतरिया का कहना है किबच्चे के परिजनों की तरफ से दिए गए प्रमाण पत्र में महज आधार कार्ड का पता सिविल लाइंस दर्शा रहा है। जन्म प्रमाण पत्र और विकलांगता प्रमाण पत्र में पता गोरखनाथ स्थित दस नंबर बोरिंग का है। नियम के मुताबिक, वार्ड के बाहर के बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा सकता है।
सेंट पॉल्स स्कूल ने मानी गलती
बेतियाहाता स्थित सेंट पॉल्स स्कूल प्रबंधन ने आरटीई के तहत आठ बच्चों को दाखिला न देने पर अपनी गलती मान ली है। बुधवार को स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और सभी बच्चों को दाखिला देने का आश्वासन दिया। इसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग ने मान्यता वापस लेने की कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।
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