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गोरखपुर में वोटर अभियान में गहराएगा संकट, सहयोग नहीं करेंगे लेखपाल

Thu, 12 Dec 2019 11:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 12 Dec 2019 11:37 AM IST
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accountant strike gorakhpur
गोरखपुर सदर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करते उत्तर प्रदेश लेखपाल
लेखपालों की हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो संकट और गहरा जाएगा। लेखपाल संगठन के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे और मंत्री जगदीश प्रसाद ने चेतावनी दी है कि शासन ने उनकी सभी आठ लंबित मांगों का जल्द निस्तारण नहीं किया तो 16 दिसंबर से शुरू होने वाले मतदाता पुनरीक्षण अभियान में लेखपाल सहयोग नहीं करेंगे। संगठन के मुताबिक, जिले में 764 लेखपाल, मतदाता अभियान में सुपरवाइजर और 12 लेखपाल, बीएलओ की भूमिका में हैं।
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जिले में जमीन की पैमाइश से लेकर जाति, आय, निवास आदि प्रमाणपत्रों, वरासत, तहसील, नकल खसरा, बैनामा आख्या, तहसील दिवस के संदर्भ आदि कई काम तो मंगलवार से शुरू हुई लेखपालों की हड़ताल के साथ ही ठप हो गए हैं। पांच नवंबर से चल रहे क्रमिक आंदोलन और लेखपालों के अतिरिक्त कार्य छोड़ देने से इन कामों से जुड़े प्रार्थनापत्र पहले से ही लंबित चल रहे थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में लेखपालों के हड़ताल पर चले जाने से दिक्कत और बढ़ गई है। सैकड़ों की संख्या में प्रमाण पत्रों के आवेदक विभिन्न तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं।
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दूसरे दिन भी लेखपालों ने दिया धरना

आंदोलन के दूसरे दिन बुधवार को भी सभी तहसीलों पर लेखपालों ने काम ठप कर धरना दिया। सदर तहसील में तहसील अध्यक्ष दिनेश कुमार पंकज और तहसील मंत्री जावेद खान के नेतृत्व में लेखपालों ने धरना दिया। इस दौरान हरिप्रकाश श्रीवास्तव, दिनेश चन्द शर्मा, जयदेव सिंह, बृजेश सागर सिंह, रामनगीना पटेल, रामकुमार गुप्ता, रामआसरे, करूणानिधि समेत कई लेखपाल मौजूद रहे।

कल से 27 तक जिला मुख्यालय पर करेंगे प्रदर्शन
वेतन विसंगति और वेतनमान बढ़ाने समेत आठ मांगों को लेकर हड़ताल पर गए लेखपाल बृहस्पतिवार तक कार्य बहिष्कार कर संबंधित तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। 13 से 27 दिसंबर तक जिले भर के लेखपाल, मुख्यालय यानी कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करेंगे। 27 से उनकी योजना विधानसभा के घेराव करने की है। जिला लेखपाल संघ के मुताबिक, अपनी मांगों को लेकर लेखपाल पांच नवंबर से अतिरिक्त क्षेत्र का काम छोड़ने के साथ ही रैली, ब्लड डोनेशन, कैंडल मार्च कर विरोध जता रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार ने उनकी लंबित मांगें नहीं पूरी कीं, जिस पर प्रांतीय नेतृत्व ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।

लेखपालों की मांगें
वेतन विसंगति को ठीक करने, वेतनमान बढ़ाने, राजस्व निरीक्षक के पदों में वृद्धि, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति एवं विभागीय परीक्षा के माध्यम से लेखपालों को अधिक अवसर प्रदान करने, पदनाम परिवर्तित कर लेखपाल के स्थान पर उप राजस्व निरीक्षक किए जाने, मोटर साइकिल भत्ता देने, पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थियों के सत्यापन के लिए पारिश्रमिक उपलब्ध कराना।
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